मोटापा घटाना और वजन कम करना आजकल लोगों का टारगेट बन गया है. जो मोटा है वो अपना वजन घटाना चाहता है और अगर कोई फिट है, तो वो अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करता है. ऐसे में ये साफ है कि वजन घटाने के लिए आजकल लोग तरह-तरह की डाइट और फास्टिंग आजमाते हैं. लेकिन जल्दी वजन घटाने की चाह में खाना पूरी तरह छोड़ देना शरीर पर भारी पड़ सकता है. क्या आपने कभी सोचा है कि कोई केवल 15 दिनों तक पानी पीकर रह सकता है और वो भी जल्दी वजन घटाने के लिए? अगर नहीं, तो चीन की एक महिला ने ऐसा कर दिखाया है.
चीन की 31 साल की एक महिला ने करीब 15 दिनों तक सिर्फ पानी पीकर 20 किलो वजन कम कर लिया. वजन तो तेजी से घट गया, लेकिन इसके बाद उसकी सेहत इस कदर बिगड़ गई कि उसे चलने में परेशानी होने लगी और याददाश्त भी कमजोर हो गई. डॉक्टरों ने टेस्टिंग के बाद उसे दिमाग से जुड़ी एक गंभीर बीमारी बताई है. डॉक्टर का कहना है कि उसकी चलने की समस्या शायद कभी पूरी तरह ठीक न हो पाए.
70 किलो से सीधे 50 किलो पहुंच गया वजन
चीन के हेनान प्रांत की रहने वाली इस 31 वर्षीय और 160 सेंटीमीटर यानी 5 फीट 3 इंच लंबी महिला ने 15 दिन तक सिर्फ पानी पीकर वजन घटाया. फास्टिंग शुरू करने से पहले उसका वजन 70 किलो था. उसने लगातार 15 दिनों तक खाने की जगह सिर्फ पानी लिया. इस बेहद सख्त डाइट के चलते उसका वजन करीब 20 किलो कम होकर 50 किलो रह गया.
लेकिन वजन कम होने के साथ उसकी सेहत सुधरने के बजाय बिगड़ने लगी. उसे चलने में परेशानी होने लगी और उसकी याददाश्त पर भी असर पड़ा.
डॉक्टरों ने बताई दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारी
जब महिला को चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया और उसकी जरूरी जांच की गई, तो झेंगझोउ यूनिवर्सिटी के फर्स्ट एफिलिएटेड हॉस्पिटल की न्यूरोलॉजिस्ट सन गुइफांग ने बताया कि वो Wernicke's encephalopathy नाम की गंभीर दिमागी बीमारी से पीड़ित है.
ये एक तरह का गंभीर ब्रेन डिसऑर्डर है, जो शरीर में जरूरी पोषक तत्वों और विटामिन की कमी से हो सकती है. इस बीमारी में व्यक्ति को भ्रम की स्थिति, चलने में बैलेंस बनाने में परेशानी, आंखों की मूवमेंट में दिक्कत और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
चलने का तरीका पेंगुइन जैसा हो गया
डॉक्टर्स के अनुसार, महिला के चलने का तरीका पेंगुइन जैसा दिखाई दे रहा था. उसे नॉर्मल तरीके से चलने में परेशानी हो रही थी. डॉक्टर की मानें तो उसकी ये समस्या शायद कभी पूरी तरह ठीक न हो पाए. उन्होंने महिला की हालत के लिए उसकी बेहद स्ट्रिक्ट डाइट को जिम्मेदार बताया और कहा कि शरीर को ठीक से काम करने के लिए जरूरी पोषक तत्व मिलना बहुत ही जरूरी है. ऐसे में साफ है कि कभी भी वजन घटाने के चक्कर में सबकुछ खाना-पीना छोड़ना बिल्कुल भी ठीक नहीं है.
आखिर क्यों सिर्फ पानी पर रह रही थी महिला?
महिला ने डॉक्टर को बताया कि वो 'Bigu' नाम की एक फास्टिंग तकनीक अपना रही थी. ये ताओवादी परंपरा से जुड़ी एक पुरानी तकनीक है. इसमें ये माना जाता है कि व्यक्ति अनाज और खाना छोड़कर सिर्फ 'Qi' यानी ब्रह्मांड में मौजूद जीवन ऊर्जा के सहारे रह सकता है. ये भी मान्यता है कि इस तकनीक को अपनाकर आध्यात्मिक उन्नति और अमरत्व भी हासिल किया जा सकता है.
'Bigu' का सीधा मतलब अनाज से परहेज करना है. माना जाता है कि ये परंपरा चीन में Qin Dynasty यानी 221 ईसा पूर्व से 206 ईसा पूर्व के समय से भी पहले की है.
वजन घटाने और डिटॉक्स के लिए भी लोग कर रहे हैं दावा
हालांकि ये तकनीक काफी पुरानी है, लेकिन आज भी कुछ लोग इसे वजन घटाने और शरीर को डिटॉक्स करने का तरीका मानते हैं. अगर वजन घटाने के लिए अपनाए जाने वाले मॉडर्न तरीकों की बात की जाए, तो उनमें कम प्रोसेस्ड फूड, कम चीनी और कम फैट वाली डाइट के साथ अच्छी मात्रा में प्रोटीन लेने और नियमित एक्सरसाइज करने पर जोर दिया जाता है.
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर 'Bigu' को लेकर लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ी है. एक मशहूर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #bigu हैशटैग को 36 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और इससे जुड़ी करीब 24 लाख लोग चर्चा में शामिल हो चुके हैं.
कुछ लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने एक महीने तक सिर्फ पानी और विटामिन सप्लीमेंट लेकर 10 किलो से ज्यादा वजन कम किया. वहीं, कुछ पोस्ट में 'Qi' हासिल करने के लिए अच्छी तरह हवादार जगहों पर बैठकर मेडिटेशन करने की सलाह भी दी गई है.
पहले भी सामने आए हैं गंभीर मामले
हालांकि, 'Bigu' या लंबे समय तक सिर्फ पानी पर रहने वाली फास्टिंग से हेल्थ बिगड़ने से जुड़े कई मामले पहले भी सामने आते रहे हैं. 2020 में चीन के हेइलोंगजियांग प्रांत में 26 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. उसने 52 दिनों तक सिर्फ पानी पीकर फास्टिंग की थी. मौत से दो दिन पहले उसमें डिमेंशिया जैसी समस्याएं दिखाई देने लगी थीं.
वहीं, पिछले साल झेजियांग प्रांत में एक महिला ने एक हफ्ते तक सिर्फ पानी और एक 'एनर्जी पिल' खाई थी. इस दौरान उसका वजन करीब 5 किलो कम हुआ, लेकिन फास्टिंग की वजह से उसकी आंतों की अंदरूनी लेयर को गंभीर नुकसान पहुंचा. इसके बाद उसके खून में बैक्टीरियल इंफैक्शन फैल गया. उसके शरीर में पोटैशियम की बेहद खतरनाक कमी यानी हाइपोकैलेमिया भी हो गई थी.
ऐसे कंटेंट पर रोक लगाने की उठ रही मांग
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद 'Bigu' जैसी बेहद स्ट्रिक्ट फास्टिंग को प्रमोट करने वाले कंटेंट पर रोक लगाने की मांग काफी बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि 'Bigu ट्रेडिशनल संस्कृति नहीं, बल्कि बेहद अनहेल्दी लाइफस्टाइल है.' वहीं, एक दूसरे यूजर ने इस तरह की फास्टिंग करने वालों पर हैरानी जताते हुए कहा कि वो खुद एक दिन बिना खाए नहीं रह सकता है.
वजन घटाने के लिए खाना छोड़ना कितना सही?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हेल्दी तरीके से वजन घटाने के लिए शरीर को जरूरी पोषक तत्व देना जरूरी है. सिर्फ तेजी से वजन कम होना ही हेल्दी होने की निशानी नहीं है.
बैलेंस्ड डाइट, पर्याप्त प्रोटीन, कम प्रोसेस्ड और कम चीनी वाले फूड्स और रेगुलर एक्सरसाइज वजन कम करने के ज्यादा सेफ तरीके माने जाते हैं. चीन की इस महिला का मामला बताता है कि कुछ ही दिनों में बहुत ज्यादा वजन कम करने के चक्कर में खाना पूरी तरह छोड़ना शरीर के लिए कितना गंभीर नुकसान पैदा कर सकता है.