
मणिपुरी म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह की मौत के मामले में FIR की कॉपी सामने आई है. यह FIR उनके 20 वर्षीय बेटे याइफाबा ने दर्ज कराई है. FIR में याइफाबा ने पूरी घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया है. उसके मुताबिक, 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे उसने अपने पिता को घर के बाहर कुछ लड़कों से पिटते हुए देखा था. शोर मचाने पर आरोपी बताए जा रहे लड़के मौके से फरार हो गए.
FIR में याइफाबा ने बताया है कि वह अपने परिवार के साथ दिए गए पते पर रहता है और मूल रूप से इंफाल, मणिपुर का रहने वाला है. वह नोएडा के एशियन लॉ कॉलेज से BA LLB की पढ़ाई कर रहा है. उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता सी. विक्रम सिंह म्यूजिशियन थे और करीब 7-8 साल से कोई काम नहीं करते थे. वह अक्सर घर पर ही रहते थे.
याइफाबा के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे वह अपने घर पर ही मौजूद था. इसी दौरान उसे बाहर से अपने पिता के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी. आवाज सुनकर उसने घर का दरवाजा खोला और बाहर देखा तो 4-5 लड़के उसके पिता को लात-घूंसों से पीट रहे थे. यह देखकर याइफाबा ने शोर मचाया, जिसके बाद सभी लड़के वहां से भाग गए.
FIR में याइफाबा ने दावा किया है कि जब आरोपी बताए जा रहे लड़के मौके से भाग रहे थे, तब उसने उनके चेहरे देख लिए थे. उसने पुलिस को बताया कि सामने आने पर वह उन लड़कों को पहचान सकता है. इसके बाद उसने अपनी मां जोलचा और पड़ोसी राडो की मदद से घायल पिता को टैक्सी से अस्पताल ले जाने का फैसला किया.
याइफाबा के बयान के मुताबिक, वह अपने पिता को लेकर होली फैमली हॉस्पिटल पहुंचा. अस्पताल ले जाते समय टैक्सी में उसके पिता ने उसे बताया कि जिन लड़कों ने उनके साथ मारपीट की थी, वे सभी नीचे सामने वाले ढाबे से आए थे. FIR में यह भी कहा गया है कि इन लड़कों में से कुछ से उसके पिता की पहले भी कहासुनी हो चुकी थी.
FIR के मुताबिक, याइफाबा के पिता ने पहले इन लड़कों को शोर-शराबा करने से मना किया था. बेटे ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि इसी बात को लेकर कुछ लड़के उसके पिता को पहले भी धमकाते रहते थे. हालांकि, FIR में दर्ज यह बातें शिकायतकर्ता और मृतक के कथित बयान पर आधारित हैं, जिनकी जांच पुलिस द्वारा की जानी है.

याइफाबा के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय टैक्सी में उसके पिता ने घटना के बारे में यह जानकारी दी थी. लेकिन अस्पताल पहुंचने के दौरान ही उनके पिता बेहोश हो गए. इसके बाद उन्हें होली फैमली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
FIR में याइफाबा ने अपने पिता की मौत को मारपीट से जोड़ते हुए आरोप लगाया है. उसका कहना है कि उसके पिता की मौत उन्हीं लड़कों द्वारा की गई मारपीट के कारण हुई, जिन्होंने घर के बाहर उन्हें पीटा था. उसने पुलिस से इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
याइफाबा ने अपने बयान के अंत में पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. FIR के मुताबिक, पुलिस द्वारा उसका बयान दर्ज किया गया, जिसे उसने पढ़कर समझा और सही बताया. अब इस मामले में पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, मारपीट की वजह क्या थी और म्यूजिशियन की मौत किन परिस्थितियों में हुई.
FIR में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 6 सितंबर की रात घर के बाहर सी. विक्रम सिंह के साथ 4-5 लड़कों ने कथित तौर पर मारपीट की. उनके बेटे याइफाबा ने यह घटना देखने और आरोपियों के चेहरे पहचानने का दावा किया है. घायल विक्रम सिंह को उनकी पत्नी जोलचा और पड़ोसी राडो की मदद से टैक्सी से होली फैमली हॉस्पिटल ले जाया गया.
अस्पताल पहुंचने से पहले विक्रम सिंह ने कथित तौर पर अपने बेटे को बताया कि मारपीट करने वाले लड़के सामने वाले ढाबे से आए थे. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लड़के पहले उन्हें शोर-शराबा करने से मना करने पर धमकाते थे. अस्पताल में इलाज के दौरान विक्रम सिंह की मौत हो गई. अब FIR में दर्ज इन आरोपों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है.