बीजेपी सांसद और भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी ने सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस' में धमाकेदार एंट्री ली है. मनोज तिवारी खुद अपनी बेटी को शो के मंच तक छोड़ने आए थे और इस दौरान वो काफी भावुक भी नजर आए. रीति, मनोज तिवारी की पहली पत्नी रानी तिवारी (प्रतिमा पांडे) की बेटी हैं.
रीति के शो में कदम रखते ही पूरा तिवारी और पांडे परिवार चर्चा में आ गया है. इंटरनेट पर लोग अब रीति के सगे मामा अरुण पांडे को भी सर्च कर रहे हैं, जो क्रिकेट और बिजनेस वर्ल्ड का एक बहुत बड़ा चेहरा हैं. अरुण भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह के बिजनेस पार्टनर भी रह चुके हैं.
भांजी के नाम से बनाई कंपनी
रीति तिवारी के मामू अरुण पांडे 'रीति स्पोर्ट्स' कंपनी के फाउंडर हैं. बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने अपनी इस करोड़ों की कंपनी का नाम मनोज तिवारी और रानी तिवारी की बेटी रीति तिवारी के नाम पर ही रखा है. अरुण पांडे की यह कंपनी महेंद्र सिंह धोनी का काम देखती थी.
धोनी से खास कनेक्सन
अरुण पांडे लंबे समय तक पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बिजनेस पार्टनर और मैनेजर रहे हैं. धोनी का करोड़ों का ऑफ-फील्ड बिजनेस साम्राज्य खड़ा करने के पीछे अरुण का दिमाग ही माना जाता है.
बता दें कि वाराणसी के रहने वाले अरुण खुद उत्तर प्रदेश के लिए स्टेट लेवल क्रिकेट भी खेल चुके हैं. वो बाएं हाथ के शानदार स्पिनर रहे हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से पढ़ाई की है.
बड़ी-बड़ी कंपनियों को पछाड़ अरुण पांडे ने बनाई पहचान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2011 के वर्ल्ड कप से ठीक पहले 2010 में धोनी का स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने वाला था. ऐसे में कई बड़ी कंपनियां धोनी को अपने साथ जोड़ने की होड़ में थीं, लेकिन भारतीय कप्तान ने अपने जिगरी दोस्त आरुण पांडे और उनकी कंपनी रीति स्पोर्ट्स (Rhiti Sports) पर ही भरोसा जताया और उन्हीं का हाथ थामा था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरुण पांडे ने 'धोनी' के नाम को प्रमोट करने के लिए कई ब्रांड्स और कंपनियां बनाईं, जिनमें 'स्पोर्ट्सफिट' (SportsFit) शामिल थी. उन्होंने बॉलीवुड फिल्म 'एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' भी बनाई. धोनी की इस बायोपिक फिल्म के अरुण पांडे को-प्रोड्यूसर थे.
बताया जाता है कि एक दौर था जब रीति ग्रुप केवल धोनी ही नहीं, बल्कि साइना नेहवाल, सुरेश रैना, रवींद्र जडेजा और आरपी सिंह जैसे दिग्गजों का काम संभालता था. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मार्केटिंग राइट्स भी इसी कंपनी के पास थे.
आज भले ही धोनी और अरुण पांडे के कारोबारी रास्ते अलग हो चुके हैं, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि क्रिकेट के 'कैप्टन कूल' को भारत का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स ब्रांड बनाने का क्रेडिट उनके इस दोस्त और बिजनेस पार्टनर रहे अरुण पांडे को भी जाता है.