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महंगे मार्बल-ग्रेनाइट छोड़ें! फर्श पर बिछाएं ये सस्ता और टिकाऊ देसी पत्थर, सालों-साल नहीं होगा खराब और घर को रखेगा ठंडा

Shahabad Limestone: दिखने में साधारण शाहाबाद लाइमस्टोन घर की फ्लोरिंग और दीवारों के लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है. ये मजबूत और टिकाऊ होने के साथ घर को नेचुरल और रस्टिक लुक देता है. इसकी खासियत ये भी है कि यह गर्मी को धीरे-धीरे सोखता है, जिससे गर्म मौसम में घर के अंदर का टेंपरेचर आरामदायक बनाए रखने में मदद मिल सकती है. साथ ही, इसकी कीमत कई महंगे नेचुरल स्टोन्स के मुकाबले बजट में हो सकती है.

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शाहाबाद लाइमस्टोन को फर्थ के तौर पर बिछाकर आपका घर ठंडा रह सकता है. (Photo: ITG)
शाहाबाद लाइमस्टोन को फर्थ के तौर पर बिछाकर आपका घर ठंडा रह सकता है. (Photo: ITG)

घर बनाते समय जब भी फ्लोरिंग या दीवारों को कवर करने की बात आती है तो ज्यादातर लोगों की नजर महंगे मार्बल, ग्रेनाइट या दूसरे मॉडर्न स्टोंस पर जाती है. मार्बल, ग्रेनाइट जैसे ऑप्शंस ही लोगों की पहली पसंद होते हैं, जिनकी कीमत बहुत ज्यादा होती है. जो लोग मार्बल-ग्रेनाइट नहीं खरीद पाते हैं वो अपने घरों में टाइल्स लगवा लेते हैं.

लेकिन भारत में एक ऐसा देसी पत्थर भी है जो देखने में भले ही काफी सादा और फीका लगे, लेकिन मजबूती, टिकाऊपन और घर के टेंपरेचर को बैलेंस रखने के मामले में काफी काम का माना जाता है. खास बात ये है कि इसकी कीमत भी बाकी कई दूसरे नेचुरल स्टोंस के मुकाबले कम पड़ सकती है. हम बात कर रहे हैं शाहाबाद लाइमस्टोन की, जिसे कर्नाटक के शाहाबाद इलाके से निकाला जाता है. चलिए जानते कैसे ये फीका सा दिखने वाला पत्थर आपके घर की फ्लोरिंग और दीवरों को खूबसूरत और टिकाऊ बना सकता है.

कर्नाटक की जमीन से निकलता है शाहाबाद स्टोन
शाहाबाद स्टोन एक नेचुरल लाइमस्टोन है, जो जमीन के अंदर बड़ी स्लैब्स के रूप में पाया जाता है. इसे निकालने के बाद जरूरत के हिसाब से अलग-अलग शेप में काटा जाता है और इसके किनारों को ट्रिम किया जाता है. इसके बाद इसे पॉलिश या रस्टिक फिनिश दी जाती है. इस पत्थर की खासियत ये है कि इसे इस्तेमाल के लिए बहुत ज्यादा मोटा काटने की जरूरत नहीं पड़ती. यही वजह है कि इसे तैयार करने और लगाने की लागत कई दूसरे पत्थरों की तुलना में कम रखी जा सकती है.

ग्रे से लेकर ब्राउन और स्लेट ब्लू तक मिलते हैं शेड्स
अगर आपको लगता है कि लाइमस्टोन सिर्फ एक ही फीके रंग में मिलता है, तो ऐसा नहीं है. शाहाबाद इलाके की अलग-अलग जमीन की परतों में चट्टानों की बनावट अलग है, इसलिए इस पत्थर में कई तरह के नेचुरल कलर और शेड्स दिखाई देते हैं. इसमें ग्रे, बेज, ब्राउन और स्लेट ब्लू जैसे रंग मिल सकते हैं. यही नेचुरल वैरिएशन इसे बिना ज्यादा डेकोरेशन के भी एक अलग लुक देता है.

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मजबूत होने के साथ लंबे समय तक चलता है
शाहाबाद लाइमस्टोन काफी मोटी होता है, जिसकी वजह से इसे मजबूत और टिकाऊ माना जाता है. यही कारण है कि इसका इस्तेमाल पुराने जमाने से भारतीय घरों में लंबे समय से अलग-अलग हिस्सों में किया जाता रहा है. खासकर कॉरिडोर, बरामदे, सीढ़ियों और आंगन जैसे हिस्सों में इस तरह के पत्थर का इस्तेमाल देखने को मिलता है. इसकी नेचुरल फिनिश घर को एक सादा लेकिन रॉ और देसी लुक भी देती है.

गर्मी में घर को ठंडा रखने में मदद करता है
शाहाबाद लाइमस्टोन की सबसे दिलचस्प खासियत इसका थर्मल मास है. ये गर्मी को धीरे-धीरे अब्सॉर्ब करता है, जिसकी वजह से पत्थर तुरंत बहुत गर्म नहीं होता. गर्म इलाकों में इसका इस्तेमाल घर को ज्यादा गर्म होने से बचाने और अंदर के टेंपरेचर को कंफर्टेबल बनाए रखने में मदद कर सकता है यानी जो पत्थर पहली नजर में आपको बिल्कुल नॉर्मल लग सकता है, उसमें घर के डिजाइन के साथ-साथ क्लाइमेट को ध्यान में रखकर इस्तेमाल करने की क्षमता भी है.

सिर्फ फर्श नहीं, दीवारों और छत पर भी इस्तेमाल
शाहाबाद लाइमस्टोन को सिर्फ फर्श के तौर पर ही इस्तेमाल नहीं किया जाता है. बल्कि इसे दीवारों, वॉल क्लैडिंग और कुछ जगहों पर छत के डिजाइन में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी नेचुरल टेक्सचर और अलग-अलग शेड्स की वजह से ये मॉडर्न और ट्रेडिशनल दोनों तरह के घरों में फिट हो सकता है. खास बात ये है कि इसे बहुत ज्यादा चमकदार बनाने की जरूरत नहीं पड़ती. इसका रस्टिक और नेचुरल लुक ही इसकी खूबसूरती बन जाता है.

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पुराने देसी पत्थर को मॉडर्न डिजाइन में मिल रही जगह
शाहाबाद लाइमस्टोन का इस्तेमाल आज भी कई आर्किटेक्ट्स अपने प्रोजेक्ट्स में कर रहे हैं. यानी ये सिर्फ पुराने समय में इस्तेमाल होने वाला पत्थर नहीं है, बल्कि मॉडर्न आर्किटेक्चर में भी इसकी जगह बनी हुई है.

महंगे मार्बल के बीच देसी पत्थर की वापसी
आज जब घरों में महंगे और चमकदार मटीरियल का चलन बढ़ रहा है, ऐसे में शाहाबाद लाइमस्टोन ये याद दिलाता है कि खूबसूरत घर बनाने के लिए हर बार महंगा मटीरियल जरूरी नहीं होता. इस पत्थर की असली खूबसूरती इसकी सादगी, मजबूती और नेचुरल टेक्सचर में है. कीमत के लिहाज से किफायती होने के साथ-साथ इसका इस्तेमाल घर को एक ऐसा देसी और रॉ लुक दे सकता है, जो ट्रेंड बदलने के बाद भी आउटडेटेड नहीं लगता.

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