Japanese Kitchen Cleaning Tips: रात में खाना बनाने के बाद रसोई बहुत फैल जाती है. उसकी हालत देखकर अक्सर मन करता है कि बर्तन सुबह ही धोए जाएंगे. सिंक में कड़ाही, कुकर और प्लेटों का ढेर लगा रहता है. बर्तन रखने वाला स्टैंड भी इतना भर जाता है कि आखिरी प्लेट रखने के लिए जगह नहीं बचती. ऊपर से रसोई के काउंटर पर पानी जमा रहता है और सुबह उठते ही सबसे पहले पिछली रात के बर्तनों से जूझना पड़ता है. लेकिन जरा सोचिए, अगर रात में खाना बनाने के बाद आपकी रसोई पूरी तरह साफ हो जाए, सिंक सूखा रहे और काउंटर पर एक भी बर्तन न दिखे, तो कैसा रहेगा?
जापान में रसोई को साफ-सुथरा रखने का तरीका थोड़ा अलग है. वहां कई लोग बर्तन धोने के लिए बड़े स्टैंड पर निर्भर रहने के बजाय कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाते हैं, जिसकी वजह से उनकी रसोई भी घर की तरह हमेशा चमकती रहती है. इन आदतों की खास बात ये है कि इनके लिए न तो महंगे सामान की जरूरत है और न ही घंटों मेहनत करने की. आइए जानते हैं जापानी किचन की ऐसी 7 आदतें, जिन्हें अपनाकर आप भी बर्तनों के ढेर और गीले काउंटर से छुटकारा पा सकते हैं.
1. खाना बनाते समय ही धो लें बर्तन: ज्यादातर लोग खाना बनाने के बाद सारे बर्तन धोते हैं, जिससे सिंक में ढेर लग जाता है. जापानी तरीके में खाना पकने के दौरान मिलने वाले खाली समय में छोटे-छोटे बर्तन साफ कर लिए जाते हैं. जैसे सब्जियां कटने के बाद चाकू और चॉपिंग बोर्ड धो लें, मसाले मिक्स करने के बाद कटोरा साफ कर दें. इससे बर्तनों पर मसाले और सॉस सूखकर नहीं चिपकते और बाद में सफाई आसान हो जाती है.
2. सबसे गंदे बर्तन से न करें शुरुआत: बर्तन धोते समय पहले गिलास, कप और कम गंदे कटोरे साफ करें. इसके बाद प्लेटें और आखिर में तेल-चिकनाई से भरी कड़ाही या बर्तन धोएं. ऐसा करने से स्पंज पर लगी चिकनाई दूसरे बर्तनों में नहीं फैलती और उन्हें दोबारा धोने की जरूरत कम होती है.
3. गंदे बर्तनों को एक-दूसरे पर न रखें: खाने के बाद गंदे बर्तनों को एक-दूसरे के ऊपर रखने से तेल और ग्रेवी दूसरे बर्तनों के निचले हिस्से पर भी लग सकती है. इससे सफाई का काम बढ़ जाता है. बेहतर होगा कि बर्तनों को ट्रे में रखकर सिंक तक ले जाएं और चिकने बर्तनों को साफ बर्तनों से अलग रखें.
4. बड़े डिश रैक की जगह अपनाएं रोल होने वाला स्टैंड: सिंक के पास रखा बड़ा डिश रैक रसोई की काफी जगह घेर लेता है. इसकी जगह ऐसा स्टैंड इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे जरूरत पड़ने पर सिंक के ऊपर बिछाया और काम होने पर समेटकर रखा जा सकता है. इसे सिंक के ऊपर फैलाकर बर्तन सुखाएं, ताकि पानी सीधे सिंक में गिरे. काम खत्म होने पर इसे समेटकर दराज में रख दें. फोल्ड होने वाली डिश-ड्राइंग मैट भी अच्छा ऑप्शन है.
5. बर्तन सुखाने के लिए इस्तेमाल करें पतला सूती कपड़ा: बर्तनों को स्टैंड पर छोड़ने के बजाय साफ, पतले सूती कपड़े से पोंछकर सुखा सकते हैं. जापान में काया कपड़े से बने किचन टॉवल इस्तेमाल किए जाते हैं, जो पानी सोखते हैं और जल्दी सूख सकते हैं. इसके लिए खास कपड़ा खरीदना जरूरी नहीं है. घर का साफ सूती कपड़ा भी इस्तेमाल कर सकते हैं. बस उसे धोकर अच्छी तरह सुखाना न भूलें.
6. धुले बर्तनों को तुरंत उनकी जगह रखें: बर्तन धोकर स्टैंड पर छोड़ देने से वो वहीं जमा होते रहते हैं और अगले दिन नए बर्तनों के लिए जगह नहीं बचती. इससे बचने के लिए कुछ बर्तन धोएं, उन्हें कपड़े से सुखाएं और तुरंत अलमारी में रख दें. फिर बाकी बर्तन साफ करें. इससे किचन का काउंटर खाली रहेगा और बर्तनों का ढेर नहीं लगेगा.
7. रात में सोने से पहले सुखा दें सिंक: बर्तन धोने के बाद सिंक और उसके आसपास पानी जमा न रहने दें. रात में सिंक, नल और काउंटर को साफ कपड़े से पोंछ दें. स्पंज को निचोड़कर ऐसी जगह रखें, जहां वो सूख सकें. इस छोटी-सी आदत से सुबह साफ-सुथरी रसोई मिलेगी और चाय-नाश्ता बनाने से पहले सफाई में समय नहीं गंवाना पड़ेगा.