आपने लोगों को अक्सर कहते सुना होगा कि 'यार आज मेरा बाथरूम में पैर फिसल गया', 'मैं बाथरूम फिसलकर गिर गया' या फिर 'मैं गिरने से बस बच ही गया'. इसकी वजह बाथरूम में लगी टाइल्स या फिर फर्श की फिसलन होती है. अक्सर समय के साथ बाथरूम के फर्श पर फिसलन आ जाती है. इसके बाद भी बाथरूम का फर्श चुनते समय ज्यादातर लोगों के दिमाग में टाइल्स या पत्थर का ही ख्याल आता है. दिखने में ये दोनों शानदार ऑप्शन लगते हैं, लेकिन पानी पड़ते ही कई फर्श बेहद फिसलन भरे हो जाते हैं.
खासकर घर में बच्चे या बुजुर्ग हों तो बाथरूम का गीला फर्श चिंता की वजह बन सकता है. ऐसे में मन में एक ही सवाल आता है कि बाथरूम में किस तरह का फर्श लगवाया जाए. अगर आप भी बाथरूम की फिसलन से परेशान हैं और कोई ऐसा ऑप्शन तलाश रहे हैं, जो देखने में भी अच्छा लगे और फिसलने का खतरा भी कम करे तो ये खबर आपके लिए है. आपके सवाल का जवाब एंटी-स्लिप विनाइल फ्लोरिंग है. चलिए जानते हैं इसके बारे में.
क्या होती है विनाइल फ्लोरिंग?
विनाइल फ्लोरिंग (Vinyl Flooring) एक तरह का सिंथेटिक फर्श है, जो ज्यादातर PVC प्लास्टिक से बनाया जाता है. ये देखने में लकड़ी, मार्बल या पत्थर जैसा लगता है, लेकिन असली लकड़ी या पत्थर की तुलना में सस्ता, हल्का और आसानी से लगाया जा सकता है. ये पानी और नमी को भी काफी हद तक सहन कर लेता है. ये लंबे समय तक चलता है और खराब नहीं होता है. इसी वजह से आजकल ये घर और ऑफिस में इसका इस्तेमाल खूब किया जाता है.
बाथरूम के लिए क्यों खास है विनाइल फ्लोरिंग?
विनाइल फ्लोरिंग का इस्तेमाल ज्यादातर बेडरूम और लिविंग रूम में किया जाता आ रहा है. लेकिन आजकल सिर्फ बेडरूम या लिविंग रूम तक लिमिटेड नहीं है. इसके वॉटर-रेजिस्टेंट और टेक्सचर्ड ऑप्शन बाथरूम के लिए भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं. विनाइल फ्लोरिंग के सरफेस पर हल्की ग्रिप होती है, जिससे पानी की मौजूदगी में पैर के फिसलने का चांस टाइल्स या बाकी चिकने सरफेस के मुकाबले कम हो सकती है.
यही वजह है कि अगर आप अपने बाथरूम को खूबसूरत बनाने के साथ ही फिसनल फ्री बनाना चाहते हैं, तो एंटी-स्लिप विनाइल फ्लोरिंग एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है.
टाइल्स की तरह ठंडी और हार्ड नहीं लगती विनाइल फ्लोरिंग
बाथरूम में सुबह-सुबह ठंडी टाइल्स पर पैर रखना कई लोगों को पसंद नहीं आता है. विनाइल फ्लोरिंग, टाइल्स की तुलना में ज्यादा नरम और गर्म महसूस हो सकता है. छोटे बच्चों वाले घर के लिए विनाइल फर्श बहुत अच्छा है. ये पत्थर जैसा हार्ड नहीं होता है. अगर बच्चा फर्श पर गिर भी जाए, तो उसे चोट कम लगती है.
पानी और नमी के लिए भी है अच्छा
बाथरूम में सबसे बड़ी परेशानी पानी और नमी होती है. इसलिए यहां कोई भी फ्लोरिंग लगाने से पहले ये देखना जरूरी है कि वो उस जगह के लिए बनी है या नहीं. ऐसे में बाथरूम के लिए वॉटरप्रूफ या वॉटर-रेजिस्टेंट विनाइल फ्लोरिंग चुनना अच्छा रहता है. हालांकि सिर्फ फ्लोरिंग का मटेरियल बदलना ही काफी नहीं है. नीचे के फर्श के जोड़ और किनारों की सीलिंग भी सही होनी चाहिए, वरना पानी अंदर जाकर नुकसान कर सकता है.
सुंदर भी दिखेगा आपका बाथरूम
अगर आपको लगता है कि विनाइल फ्लोरिंग मतलब सिर्फ साधारण प्लास्टिक जैसी दिखने वाला सरफेस है, तो ऐसा नहीं है. बाजार में वुडन टेक्शचर, स्टोन लुक, मार्बल पैटर्न और कई तरह के कलर में विनाइल मिलती है. इससे आप बिना असली पत्थर या महंगी टाइल्स लगाए बाथरूम को मॉडर्न लुक दे सकते हैं. छोटे-छोटे बाथरूम में हल्के रंग और मिनिमल पैटर्न जगह को ज्यादा खुला दिखाने में भी मदद कर सकते हैं.
सफाई में भी आसान
बाथरूम के फर्श की सफाई रोजाना करनी पड़ती है. ऐसे में विनाइल का एक फायदा ये है कि इसके सरफेस पर गंदगी और साबुन के कण और निशान साफ करना आसान हो सकता है. हालांकि, एंटी-स्लिप सतह में टेक्शचर होने के कारण उसमें गंदगी जमा न हो, इसके लिए इसकी रोजाना सफाई जरूरी है. तेज केमिकल या ऐसा क्लीनर इस्तेमाल करने से बचें जो फ्लोरिंग की ऊपरी लेयर को नुकसान पहुंचा सकता है.
क्या सच में सालों तक फिसलन नहीं होगी?
अगर आपके मन में ये सवाल है कि विनाइल फ्लोरिंग लगाने से सालों तक फिसलन नहीं होगी, तो आपको एक समझना बहुत जरूरी है. आपको समझना होगा कि कोई भी फर्श हमेशा के लिए 100% नॉन-स्लिप होने की गारंटी नहीं देता है. समय के साथ फर्श घिस सकता है और साबुन, तेल या पानी की लेयर फिसलन बढ़ा भी सकती है.
इसलिए सिर्फ फ्लोरिंग चुनना काफी नहीं है. बाथरूम में पानी जमा न हो, सही ड्रेनेज हो और फर्श की नियमित सफाई होती रहे, ये भी ध्यान रखना उतना ही जरूरी है. खरीदते समय खास तौर पर बाथरूम के लिए बने एंटी-स्लिप विनाइल प्रोडक्ट की ही जानकारी लें.
लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप बाथरूम में विनाइल फ्लोरिंग लगवाने की सोच रहे हैं तो ऐसी फ्लोरिंग चुनें जो खास तौर से गीली जगहों के लिए सही हो. इंस्टॉलेशन से पहले फर्श बिल्कुल सपाट और सूखा होना चाहिए. किनारों और जॉइंट्स की सीलिंग भी अच्छी तरह करवाएं.