स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडा फहराने से छूट मांगने वाले कर्नाटक के आवास मंत्री जमीर अहमद खान के पत्र को लेकर विधानसभा में भारी हंगामा देखने को मिला. बीजेपी विधायक सुनील कुमार ने जमीर अहमद के इस पत्र पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे राष्ट्रीय पर्व का अनादर बताया और सवाल उठाया कि ऐसे मंत्री को कैबिनेट में बने रहने का क्या अधिकार है.
वहीं, उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने जमीर का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पहले से आवंटित जिले की जगह किसी दूसरे जिले में जिम्मेदारी देने का अनुरोध किया है.
दरअसल, विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए बीजेपी विधायक सुनील कुमार ने कहा कि आवास मंत्री ने पत्र लिखकर बताया है कि वह 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे. अगर कोई मंत्री राष्ट्रीय दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए समय नहीं निकाल सकता तो उसे मंत्रिमंडल में क्यों रहना चाहिए?
सुनील कुमार ने कहा, 'वह कौन सी बड़ी शख्सियत हैं कि राष्ट्रीय ध्वज भी नहीं फहरा सकते? अगर सरकार किसी मंत्री का ऐसा पत्र स्वीकार करती है कि वह स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हो सकते, तो इससे राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय पर्व की अहमियत को लेकर क्या संदेश जाएगा?'
सुनील कुमार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा परिसर में कथित तौर पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए जाने के समय सरकार चुप रही और अब एक मंत्री के स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने से इनकार करने के मामले में उसका बचाव किया जा रहा है.
उन्होंने उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर से कहा कि उन्हें इस मामले में मंत्री का बचाव नहीं करना चाहिए. सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रभारी मंत्री को किसी दूसरे जिले की जिम्मेदारी देने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि मंत्री स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने में असमर्थता जताता है तो इसका मतलब क्या है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए.
उन्होंने सदन में जमीर अहमद के पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि इससे यह पता चलता है कि मंत्री इस कार्यक्रम को कितनी प्राथमिकता दे रहे हैं. उनके मुताबिक, एक मंत्री के लिए जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होकर तिरंगा फहराना सम्मान की बात होनी चाहिए.
परमेश्वर बोले- स्वास्थ्य कारणों से मांगा दूसरा जिला
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बीजेपी विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इसमें ऐसा कोई मुद्दा नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलों के प्रभारी मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय करते समय जमीर अहमद ने पहले से आवंटित जिले की जगह किसी दूसरे जिले की जिम्मेदारी देने का अनुरोध किया था.
परमेश्वर ने कहा कि जमीर अहमद ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए वैकल्पिक जिले की मांग की थी. उन्होंने कहा कि इसे स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से इनकार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
इस पर सुनील कुमार ने दोबारा पत्र की भाषा पढ़ने की मांग की और कहा कि उसमें साफ लिखा है कि मंत्री 15 अगस्त को निर्धारित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर झंडारोहण नहीं कर पाएंगे.