कर्नाटक में अगला विधानसभा चुनाव वर्ष 2028 में होना है, लेकिन बीजेपी और जनता दल सेक्युलर ने अभी से अपनी सियासी घेराबंदी तेज कर दी है. राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए विपक्षी गठबंधन के नेता जमीनी स्तर पर उतरने जा रहे हैं. सरकार की नाकामियों को उजागर करने के उद्देश्य से 1 सितंबर से रायचूर से बल्लारी (बेलारी) तक 10 दिवसीय पदयात्रा निकाली जाएगी.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने मंगलवार को इस पदयात्रा की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे बी नागेंद्र को कैबिनेट में फिर से शामिल किए जाने या उनके प्रभाव के मुद्दे को भाजपा प्रमुखता से उठाएगी. इसके अलावा किसानों की बदहाली, बढ़ती बेरोजगारी, आरक्षण के मुद्दे और सरकारी भर्तियों में लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी सरकार को घेरा जाएगा.
विजयेंद्र ने बताया कि लगभग 200 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा 1 सितंबर को रायचूर से शुरू होगी, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी करेंगे. यह यात्रा बल्लारी में समाप्त होगी. दस दिनों की इस पदयात्रा के जरिए भाजपा और जेडीएस ने राज्य में अपने पक्ष में सियासी जमीन तैयार करने का विस्तृत प्लान बनाया है.
भाजपा-जेडीएस की पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि जेडीएस इस भाजपा-नीत पदयात्रा को अपना पूरा समर्थन देगी और पार्टी के वरिष्ठ नेता उद्घाटन व समापन, दोनों कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस की सरकार को जन-विरोधी, गरीब-विरोधी, किसान-विरोधी, युवा-विरोधी और विकास-विरोधी बताते हुए खामियों को उजागर करना और जनता में जागरुकता पैदा करना है.
उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से 'कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम' घोटाले में कथित भूमिका के कारण बी नागेंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी. भाजपा ने इन सभी जनहित के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करने का निर्णय लिया है.
किसान और विकास के मुद्दे पर घेराबंदी
विजयेंद्र ने सरकार पर सूखा प्रभावित किसानों की समस्याओं को हल करने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि राज्य में लगभग 2.5 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं और वृद्धावस्था पेंशन, संध्या सुरक्षा योजना, गरीबों के लिए आवास और गंगा कल्याण योजनाओं को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है.
उन्होंने हाल ही में विधानसभा सत्र की अवधि समय से पहले समाप्त करने को लेकर सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार अहम मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती थी. उन्होंने कहा कि यदि सदन में इन विषयों पर पूरी चर्चा होती, तो कांग्रेस सरकार की नाकामी जनता के सामने आ जाती.
शिवकुमार को कठघरे में खड़े करने क प्लान
विजयेंद्र ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे जनविकास के बजाय रियल एस्टेट से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर अधिक ध्यान दे रहे हैं. उन्होंने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट, कनकपुरा में प्रस्तावित एयरपोर्ट और सरकार द्वारा NICE प्रोजेक्ट को अपने हाथ में लेने के फैसलों का जिक्र किया.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर ढुलमुल रवैया अपना रही है और पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट नहीं कर सकी है. उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने ही वाल्मीकि समाज के लिए आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया था.
विजयेंद्र ने कहा कि पदयात्रा के दौरान उत्तरी कर्नाटक के विकास और सिंचाई परियोजनाओं के लंबित मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने बताया कि जेडीएस नेता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस पूरे आंदोलन के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है.
बता दें कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित तौर पर 89 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है. विपक्ष के भारी हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के कारण हालिया विधानसभा सत्र को निर्धारित समय से पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करना पड़ा था.