कर्नाटक में सोमवार को होने वाले कैबिनेट विस्तार से पहले मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस विधायकों से धैर्य रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें भी सिद्धारमैया कैबिनेट में मंत्री पद नहीं मिला था, लेकिन बाद में उन्हें मौका मिला. इसी तरह भविष्य में सभी को अवसर दिया जाएगा.
शिवकुमार ने लोक भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए रवाना होने से पहले कहा कि 'कई विधायक हैं. सभी को जगह देना संभव नहीं है. पहले मुझे भी सिद्धारमैया कैबिनेट में मंत्री पद नहीं मिला था, लेकिन क्या मैं बाद में मंत्री नहीं बना? इसी तरह हम भविष्य में सभी को अवसर देंगे.'
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कैबिनेट विस्तार में कई वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिलने से कांग्रेस के अंदर नाराजगी सामने आई है. इंडी से विधायक यशवंतरायगौड़ा वी पाटिल ने कैबिनेट में जगह नहीं मिलने के बाद सोमवार को अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने विधानसभा में डिप्टी स्पीकर रुद्रप्पा लामानी को अपना इस्तीफा सौंपा. इसके बाद उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया और पार्टी नेतृत्व पर उनके साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया.
कैबिनेट में शामिल होंगे 19 मंत्री
मुख्यमंत्री बनने के दो महीने बाद शिवकुमार अपने मंत्रिमंडल में 19 मंत्रियों को शामिल करने जा रहे हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल की संख्या अधिकतम स्वीकृत संख्या 34 से सिर्फ एक कम रह जाएगी. लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह शाम 5 बजे निर्धारित है.
कांग्रेस हाईकमान ने पीएम नरेंद्रस्वामी, शिवराज तंगडगी, रुद्रप्पा लामानी, केएस बसवंतप्पा, बी नागेंद्र, टी रघुमूर्ति, बीजेड जमीर अहमद खान, रिजवान अरशद, संतोष लाड, मधु बंगारप्पा, पुट्टरंगाशेट्टी, एसएस मल्लिकार्जुन, अजय सिंह, एन चालुवराय स्वामी, केएम शिवलिंगे गौड़ा, एचसी बालकृष्ण, गायत्री शांतगौड़ा, बसवराज रायरेड्डी, विजयानंद काशप्पनवर और लक्ष्मण सावदी के नामों को मंजूरी दी है.
हालांकि, गायत्री शांतगौड़ा आज शपथ नहीं लेंगी. इससे पहले सूची में भटकल विधायक मंकाला वैद्य का नाम था, लेकिन बाद में उनकी जगह पूर्व मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन को शामिल किया गया. इस बदलाव की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है.
इनको नहीं मिली जगह
कैबिनेट विस्तार में पिछली सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रहे छह नेताओं को भी जगह मिली है. वहीं, बी नागेंद्र की मंत्रिमंडल में वापसी हो रही है, जिन्होंने जून 2024 में कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले से जुड़े आरोपों के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दिया था. दूसरी तरफ एचसी महादेवप्पा, एचके पाटिल, दिनेश गुंडू राव, के वेंकटेश, एमसी सुधाकर और लक्ष्मी हेब्बालकर समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को कैबिनेट में जगह नहीं मिली है.