अगर आप जापान जाएं तो वहां की एक आदत आपको थोड़ी अलग लग सकती है. जापान में बहुत से लोग सुबह के बजाय शाम या रात में नहाना पसंद करते हैं. खास बात यह है कि जापान में नहाना सिर्फ शरीर साफ करने का तरीका नहीं माना जाता, बल्कि इसे दिनभर की थकान दूर करने और आराम करने से भी जोड़ा जाता है. जापान की नहाने की संस्कृति बाकी देशों से कुछ अलग है. वहां आम तौर पर लोग पहले शरीर को अच्छी तरह साफ करते हैं और उसके बाद गर्म पानी से भरे टब में बैठकर आराम करते हैं. इसे जापानी संस्कृति में ओफुरो (Ofuro) से जोड़ा जाता है.
जापानी लोगों के रात में नहाने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है दिनभर की थकान को दूर करना. काम, पढ़ाई या बाहर घूमने के बाद शरीर पर पसीना, धूल और गंदगी जमा हो सकती है. ऐसे में रात को नहाने से शरीर साफ हो जाता है और व्यक्ति खुद को हल्का महसूस करता है. गर्म पानी में कुछ देर बैठने से शरीर को आराम भी मिल सकता है. यही वजह है कि कई जापानी लोगों के लिए रात को नहाना सोने से पहले की रोजाना की दिनचर्या का हिस्सा है.
जापानी नहाने की परंपरा की एक खास बात यह है कि बाथटब में जाने से पहले शरीर को धोया जाता है. यानी पहले साबुन और पानी से शरीर की सफाई की जाती है. उसके बाद साफ शरीर के साथ गर्म पानी से भरे टब में बैठा जाता है. यह तरीका इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बाथटब का पानी आम तौर पर शरीर धोने के लिए नहीं, बल्कि आराम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इस वजह से जापानी घरों में बाथरूम की व्यवस्था भी कई बार भारतीय या पश्चिमी देशों के बाथरूम से अलग दिखाई देती है. नहाने और टब में आराम करने के हिस्से अलग रखे जा सकते हैं.
गर्म पानी से मिलता है आराम
रात में गर्म पानी से नहाने की एक और वजह आराम से जुड़ी है. गर्म पानी शरीर को गर्माहट देता है और मांसपेशियों को आराम महसूस हो सकता है. दिनभर काम करने के बाद यह अनुभव काफी सुकून देने वाला हो सकता है. यही कारण है कि कुछ लोग रात में नहाने को सिर्फ सफाई की आदत नहीं, बल्कि रिलैक्स करने का समय मानते हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर जापानी व्यक्ति रोज रात में ही नहाता है. लोगों की आदतें उम्र, परिवार, काम और जीवनशैली के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं.
नींद से भी जोड़ा जाता है रात को नहाना
रात में नहाने को नींद की तैयारी से भी जोड़ा जाता है. गर्म पानी में नहाने के बाद शरीर धीरे-धीरे सामान्य तापमान की ओर लौटता है. इससे कुछ लोगों को आराम महसूस होता है और सोने में मदद मिल सकती है. इसी वजह से जापान में कई लोग सोने से कुछ समय पहले गर्म पानी से नहाना पसंद करते हैं. हालांकि अच्छी नींद के लिए सिर्फ नहाना ही जरूरी नहीं है. नींद पर दिनभर की गतिविधियां, तनाव, कमरे का तापमान और सोने का समय भी असर डालते हैं.
जापान की संस्कृति में सफाई को खास महत्व
जापान में साफ-सफाई को काफी महत्व दिया जाता है. घर में प्रवेश करने से पहले जूते उतारना, सार्वजनिक जगहों को साफ रखना और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना वहां की आम सांस्कृतिक आदतों में शामिल है. नहाने की परंपरा भी इसी सोच का हिस्सा है. खासकर सार्वजनिक बाथरूम और गर्म पानी के टब में जाने से पहले शरीर को अच्छी तरह साफ करना जरूरी माना जाता है. जापान के कई पारंपरिक स्नानघरों में लोग नहाने से पहले शरीर धोते हैं और उसके बाद गर्म पानी में कुछ समय बिताते हैं. वहां गर्म पानी में बैठना एक तरह से आराम और सामाजिक अनुभव भी हो सकता है.
सुबह नहाने से बिल्कुल परहेज है क्या?
ऐसा नहीं है. जापान में कुछ लोग सुबह भी नहाते हैं, खासकर अगर उन्हें सुबह तरोताजा महसूस करना हो या उनकी रूटीन ऐसी हो. लेकिन पारंपरिक रूप से रात को नहाने की आदत इसलिए लोकप्रिय रही है क्योंकि इससे व्यक्ति दिनभर की गंदगी और थकान को दूर करके साफ शरीर के साथ बिस्तर पर जाता है. यानी जापानी लोगों के लिए रात में नहाना सिर्फ ‘नहाना’ नहीं बल्कि दिन खत्म करने की एक पूरी प्रक्रिया है. पहले शरीर की सफाई, फिर गर्म पानी में आराम और उसके बाद सोने की तैयारी. यही वजह है कि जापान की यह आदत दुनिया के दूसरे देशों के लोगों को काफी दिलचस्प लगती है.