छत पर पानी की टंकियां रखी होती हैं, वहां कई सारे पाइप लगे होते हैं. ये नल टंकी से घर के हर हिस्से में पानी पहुंचाने के कनेक्शन होते हैं. कभी वहां गौर किया है एक पाइप होता है, जो सीधा लग रहता है और फिर हवा में खुला रहता है. इसके नीचे तो कनेक्शन होता है, लेकिन एक साइड में कोई कनेक्शन नहीं होता है. अक्सर, इसके ऊपर टी जॉइंट लगा होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं ये किस काम का होता है. जब कोई कनेक्शन नहीं होता है तो फिर इस पाइप का क्या काम होता है.
कौनसा पाइप होता है?
दरअसल, ये जो पाइप होता है, वो पानी की टंकी से निकलने वाले पाइप और उससे जुड़े कनेक्शन से जुड़ा रहता है. इस पाइप को पानी की लाइन का एयर वेंट या एयर वेंटर रिलीज अरेंजमेंट होता है. भारत में पानी की टंकी डिलीवरी लाइन यानी जिससे पानी निकलता है, उसमें ऐसा अरेंजमेंट किया जाता है. इसका उद्देश्य पाइप में फंसी हवा को बाहर निकालना और जरूरत पड़ने पर हवा को अंदर आने देना है. इससे एयर-लॉक की समस्या कम हो सकती है और पानी की लाइन में फ्लो बना रहने में मदद मिलती है.
होता क्या है कई बार हवा की वजह से पानी का फ्लो प्रभावित हो जाता है. ऊपर लगा ये खुला पाइप उस ट्रैप्ड एयर को बाहर निकलने का रास्ता देता है. जब पानी की लाइन में पानी नीचे की ओर जा रहा हो और अंदर वैक्यूम बनने की स्थिति आए तो यह रास्ता हवा को अंदर आने में भी मदद कर सकता है. इसीलिए इसे आम बोलचाल में एयर वेंट पाइप या ब्रीदर पाइप कहा जाता है.
कई लोग इसे टंकी का ओवरफ्लो पाइप समझना सही नहीं होगा. ओवरफ्लो टंकी भरने पर अतिरिक्त पानी बाहर निकालता है, मगर ये वाला पाइप हवा के लिए रास्ता देता है. इसलिए इसका ऊपर से खुला होना जरूरी होता है.
ऐसा ही होता है सीवर वेंट
ऐसे ही एक सीवर वेंट भी बनाया जाता है, जो सीवर कनेक्शन से जुड़ा होता है. ये सीवर के बदबू या गैस को बाहर निकालने का काम करता है और उसके घर के ऊपर की तरफ लगाया जाता है ताकि सीवर की गैस बदबू को ये हवा में छत पर रिलीज कर देता है.