8 अगस्त 2008 को रूस और जॉर्जिया के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्ष एक भीषण युद्ध में तब्दील हो गया. यह एक छोटे से ककेशियाई राष्ट्र और उस महाशक्ति के बीच की लड़ाई थी, जिसका वह कभी हिस्सा था. सीधे शब्दों में कहें तो रूस-जॉर्जिया युद्ध उस संघर्ष की सबसे हिंसक घटना थी जो एक दशक से भी अधिक समय पहले शुरू हुआ था.
1991 में सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक के टूटने के दौरान जॉर्जिया ने अपनी आजादी की घोषणा कर दी. कुछ ही समय बाद, रूस समर्थक अलगाववादियों ने जॉर्जिया के कुल क्षेत्रफल के 20 प्रतिशत हिस्से, अबखाज़िया और दक्षिण ओसेशिया पर कब्जा कर लिया.
इसके परिणामस्वरूप गतिरोध पैदा हो गया. 2008 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) में जॉर्जिया और यूक्रेन की मेंबरशिप के लिए सपोर्ट कर दिया. इसे रूस ने अपनी सीमाओं पर शत्रुतापूर्ण सैन्य तैनाती के समान माना.
रूस और जॉर्जिया के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण थे. क्योंकि रूस में व्लादिमीर पुतिन सत्ता में थे और जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साकाशविली ने अबखाज़िया और दक्षिण ओसेशिया को जॉर्जिया के नियंत्रण में वापस लाने का इरादा व्यक्त किया था.
1 अगस्त को दक्षिण ओसेशियाई सैनिकों ने जॉर्जियाई गांवों पर गोलाबारी करके युद्धविराम का उल्लंघन किया. अगले कुछ दिनों तक छिटपुट लड़ाई और गोलाबारी जारी रही. जब तक कि साकाशविली ने 7 अगस्त को युद्धविराम की घोषणा नहीं कर दी. आधी रात से ठीक पहले, यह देखकर कि अलगाववादी वास्तव में गोलीबारी बंद नहीं करेंगे, जॉर्जियाई सेना ने दक्षिण ओसेशिया के त्स्किनवाली पर हमला कर दिया.
रूसी सैनिक पहले ही अवैध रूप से दक्षिण ओसेशिया में प्रवेश कर चुके थे और उन्होंने जॉर्जियाई हमले का तुरंत जवाब दिया. जैसे ही जॉर्जियाई सैनिकों ने त्स्किनवाली पर कब्जा किया, लड़ाई अबखाज़िया में फैल गई. हालांकि, जॉर्जियाई सेना के शुरुआती हमले को विफल कर दिया गया और कुछ ही दिनों में रूस ने विवादित क्षेत्र के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया. फिर जॉर्जिया की ओर बढ़ने लगा. किसी तरह दोनों पक्ष 13 अगस्त की सुबह युद्धविराम पर सहमत हुए.
युद्ध के बाद, रूस ने औपचारिक रूप से अबखाज़िया और दक्षिण ओसेशिया को स्वतंत्र राज्यों के रूप में मान्यता दी. इसके बाद, रूस ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए इन पर कब्जा कर लिया. रूस ने 2014 में यूक्रेन में भी इसी तरह की कार्रवाई की. क्रीमिया प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया और देश के पश्चिम में अलगाववादियों का समर्थन किया.
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रूस-जॉर्जिया युद्ध के कारण अनुमानित 192,000 लोग विस्थापित हुए. इनमें से कई अलगाववादी क्षेत्रों में जॉर्जियाई लोगों के जातीय सफाए से भाग गए थे. 2022 में, रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किया. यूक्रेन के साथ रूस की जंग आज भी जारी है.