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दीमक, सीलन और क्रैक्स नहीं आएंगे... घर बनते वक्त ही सीमेंट मिला दें ये चीजें!

घर बनाते वक्त मसाले और नींव में कुछ केमिकल के इस्तेमाल से हमेशा के लिए दीमक, सीलन और दरार जैसी समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है. चलिए जानते हैं ये कौन- कौन से केमिकल हैं.

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सीलन, दीमक और क्रैक्स से बचाव के लिए इन केमिकल्स का इस्तेमाल जरूरी (Photo - AI Generated)
सीलन, दीमक और क्रैक्स से बचाव के लिए इन केमिकल्स का इस्तेमाल जरूरी (Photo - AI Generated)

घरों में दीमक, सीलन और प्लास्टर में दरार जैसी समस्या आम होती है. इससे छुटकारा पाने के चक्कर में बार- बार हमें हजारों खर्च करने पड़ते हैं. दीवारों पर पेंट, रेनोवेशन और भी तमाम तरह के उपाय करने पड़ते हैं. वहीं अगर घर बनाते वक्त ही सीमेंट और मसाले में कुछ केमिकल का इस्तेमाल कर लिया जाए तो इन समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है.

घर बनाते समय मसाले यानी कंक्रीट या प्लास्टर और नींव में सीलन, दीमक और क्रैक्स  रोकने तथा वाटरप्रूफिंग के लिए 3-4 तरह के केमिकल्स और ट्रीटमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आपने भी इसे मसाले और नींव में डाल दिया तो भी दीमक, सीलन और दरारों से छुटकारा पाने के लिए बाद में खर्च नहीं करने पड़ेंगे. चलिए जानते हैं कौन- कौन से केमिकल का कब इस्तेमाल करना है. 

एंटी-टरमाइट केमिकल का इस्तेमाल घरों में दीमक को पनपने से रोकता है. यह केमिकल क्लोरपायरीफॉस  या फिप्रोनिल होते हैं. इसे नीव खोदते समय मिट्टी में और फर्श की भरााई से पहले डाला जाता है. यह जमीन से आने वाले दीमकों को रोकने के लिए एक सुरक्षा कवच बनाता है.

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दूसरा होता है, वॉटरप्रूफिंग लिक्विड एडमिक्सचर. यह सीलन और वाटरप्रूफिंग के लिए होता है. बाजार में ये फिक्सिट पीडिप्रूफ या साइका लेटेक्स सुपर जैसे ब्रांड नाम से मिल जाता है. इसे सीमेंट, रेत और पानी के मसाले में तय मात्रा में मिलाया जाता है. यह कंक्रीट के अंदर के छिद्रों को बंद करता है और दीवारों में नमी तथा सीलन नहीं आने देता है.

तीसरा है-  पॉलीमर/बॉन्डिंग एजेंट, इसके इस्तेमाल से दीवारों और प्लास्टर में दरार और अनावश्यक क्रैक्स नहीं आते हैं. बाजार में यह प्लास्टर ब्लास्टर नाम से ये केमिकल मिल जाता है.  इसे प्लास्टर या रिपेयरिंग मसाले में मिलाने से मसाला मजबूत बनता है. यह प्लास्टर को उखड़ने और सूखने पर होने वाली बारीक दरारों से बचाता है.

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इस तरह घर बनाते समय इस तरह की छोटी- छोटी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है. इसमें ज्यादा खर्चा भी नहीं आता है और भविष्य में सीलन, दरार और नमी जैसी चीजों से छुटकारा मिल जाता है. जिनके उपाय में बाद में काफी खर्चा हो जाता है. 

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