scorecardresearch
 

दिखने में मार्बल जैसा, एक्स्ट्रा मजबूत... ट्रेंड में फाइबर ग्लास, जो पड़ता है काफी सस्ता!

फाइबर ग्लास कांच के बेहद महीन रेशों और प्लास्टिक से मिलकर बनी एक मजबूत और हल्की कंपोजिट मटेरियल है. इसका इस्तेमाल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन में शेड, रूफिंग शीट, वॉल और फ्लोर में किया जाता है. चलिए जानते हैं इसकी खूबी क्या है?

Advertisement
X
प्लास्टिक जैसा हल्का, टिकाऊ, सस्ता और दिखने में मार्बल जैसा एफआरपी पैनल्स (Photo - AI Generated)
प्लास्टिक जैसा हल्का, टिकाऊ, सस्ता और दिखने में मार्बल जैसा एफआरपी पैनल्स (Photo - AI Generated)

आजकल कंस्ट्रक्शन में नए- नए तरीके के आधुनिक बिल्डिंग मटेरियल्स इस्तेमाल किए जाते हैं. इनसे सिर्फ घर बनाने की लागत कम नहीं होती, बल्कि  भविष्य में भी घर के रख- रखाव और मेंटेनेंस का खर्चा कम हो जाता है. इनमें से ही एक नाम है - फाइबर ग्लास. फाइबर ग्लास के इस्तेमाल से घर तो खूबसूरत दिखता ही है. इसकी मजबूती बेजोड़ होती है. 

मार्बल फिनिश वाला फाइबरग्लास रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक यानी एफआरपी एक हल्का कंपोजिट पैनल है जो पॉलीमर रेज़िन और ग्लास फाइबर से बना होता है. यह असली मार्बल जैसा दिखता है. यह प्राकृतिक पत्थर की भव्यता को फाइबरग्लास की मजबूत ताकत, लचीलापन और वाटर रेजिस्टेंस जैसी खूबी के साथ जोड़ता है.

एफआरपी को आमतौर पर फाइबरग्लास भी कहा जाता है. इसका पूरा नाम फाइबरग्लास रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक है.  एफआरपी में मुख्य रूप से फाइबर होते हैं. विशेष रूप से ग्लास फाइबर और फिर ग्लास फाइबर के चारों ओर एक प्लास्टिक मैट्रिक्स होता है. यह मैट्रिक्स थर्मोसेट या थर्मोप्लास्टिक  से बना होता है. ग्लास फाइबर और प्लास्टिक मैट्रिक्स से मिलकर बनने की वजह से एफआरपी एक हल्का और बहुत मजबूत मटेरियल बन जाता है.

एफआरपी की ये है खासियत
यह असली संगमरमर या भारी पत्थर की तुलना में बहुत हल्का और संभालने में आसान होता है. यह वाटर प्रूफ होता है. यह पानी को सोखता नहीं है. इसलिए यह गीले क्षेत्रों में इस्तेमाल के लिए एकदम सटीक है. यह  खरोंच, दाग, फफूंद और काई जैसी समस्या नहीं होती है. इसका रख-रखाव यानी मेंटेनेंस काफी आसान होता है और इसमें कोई खर्चा नहीं होता. इसे आसानी से पोंछकर साफ और कीटाणुरहित किया जा सकता है.

Advertisement

इसका इसका दीवार पैनलों और शॉवर के चारों ओर लगाने के लिए किया जाता है. क्योंकि यह नमी को झेल लेता है. किचन में ऐसी दीवारों पर इसे लगाया जाता है, जिन्हें बार-बार धोने और साफ- सफाई की जरूरत होती है. अस्पतालों और क्लीनिकों में इसका इस्तेमाल किया जाता है.  

यह भी पढ़ें: छोटा प्लॉट है? इस नक्शे से बनाएं खूबसूरत घर, खर्चा भी कम, रोशनी भी रहेगी फुल

इसका इस्तेमाल लोग अपने लिविंग रूम में टीवी यूनिट के पीछे या डेकोरेटेड वॉल बनाने में भी करते हैं. इसकी सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह देखने में मार्बल की तरह खूबसूरत होता है और इस पर पानी, नमी या मौसम का असर नहीं होता है. इसकी साफ- सफाई सस्ती और आसान होती है. 

यह भी पढ़ें: नहीं बुलाना होगा पेंटर... इन 3 मशीन से खुद कर लेंगे घर में पेंट! जानिए ये कितने की आती हैं

इसकी शुरुआती खुदरा कीमत लगभग 17 से 45 रुपये प्रति स्क्वायर फुट या 120 से 200 रुपये स्क्वायर मीटर होती है. इसकी कीमतों में अंतर इसकी मोटाई और क्वालिटी के हिसाब से घट या बढ़ सकती है. वैसे होलसेल में  120 से 150 रुपये किलो के हिसाब से मिल जाती है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement