भारत का शहर कोई भी हो, वहां एक चीज कॉमन है और वो ई-रिक्शा. आपको भारत के हर शहर में नियमों का पालन ना करने वाले ई-रिक्शा जरूर दिख जाएंगे. कई रिक्शा में तो पीछे 4 या 6 लोग बैठे होते हैं और आगे ड्राइवर समेत 2 या 3 लोग बैठे नजर आते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं नियमों के हिसाब से एक रिक्शा में कितना लोग बैठ सकते हैं और ई-रिक्शा को कितने सीटर वाहन कहा जाता है? तो समझते हैं ई-रिक्शा से जुड़े कुछ बेसिक नियम...
कितने लोग बैठ सकते हैं?
नियमों के अनुसार, ई-रिक्शा में आगे एक ड्राईवर बैठ सकता है, जबकि आम तौर पर ड्राइवर के साथ 1 या दो लोग बैठे नजर आते हैं. अगर ई-रिक्शा वाले भैया अपने साथ आगे एक या दो सवारी बैठाते हैं तो कानूनी रुप से सही नहीं है और उन पर कार्रवाई की जा सकती है. वहीं, अगर पीछे बैठने वाली सवारी की बात करें तो पीछे 4 लोग ही बैठ सकते हैं. अगर कमाई के चक्कर में 4 से ज्यादा लोग बैठते हैं तो कानूनी रुप से ठीक नहीं है.
इसके अलावा नियमों में ईरिक्शा में रखे जाने वाले सामान को लेकर भी साफ लिखा गया है कि इसमें कुल सामान 40 किलो तक हो सकता है. यानी हकीकत भले ही कुछ और हो, रिक्शा में सिर्फ 40 किलो सामान ही रखा जा सकता है.
कितनी स्पीड से चला सकते हैं?
आप भले ही रोज सड़कों पर ई-रिक्शा को तेज स्पीड से चलते हुए देखते होंगे, लेकिन सरकार की ओर से उनकी एक स्पीड तय की गई है. सरकार की ओर से तय की ई-रिक्शा की परिभाषा में कहा गया है कि इसकी अधिकतम स्पीड 25 किमी/घंटा है. साथ ही ई-रिक्शा की केंद्रीय परिभाषा में मोटर की अधिकतम शक्ति 2,000 वॉट रखी गई है. इसलिए ज्यादा पावर वाली मोटर लगाकर वाहन की क्षमता बदलना भी सामान्य "कॉस्मेटिक मॉडिफिकेशन" जैसा नहीं है.
बता दें कि तीन पहिया वाहनों के लिए हेडलैंप, रियर लैंप, नंबर प्लेट को रोशन करने वाली लाइट और रिफ्लेक्टर जैसी चीजों के नियम भी हैं. इसके साथ ही ई-रिक्शा में तेज हॉर्न, एलईडी लाइट, कंट्रोलर बदलने, बॉडी बदलने की मनाही है.