हरिद्वार के श्यामपुर में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. वन कर्मियों के साथ कुछ लोगों के द्वारा मारपीट की गई थी, उसी क्रम में उन लोगों से कुछ नकली नोट बरामद हुए थे. जब पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गैंग के 3 लोगों को पकड़ लिया. पुलिस ने गिरोह के पास से 52 हजार रुपये के नकली नोट सीट के रूप में बरामद किए. इसी के साथ एक लैपटॉप और दो प्रिंटर बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में दो जीजा-साले शामिल हैं.
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पूरे नेटवर्क को लालढांग इलाके से ऑपरेट किया जा रहा था. इस मामले में पुलिस इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि गैंग से और कौन लोग जुड़े हैं. पुलिस ने बताया कि 29 जून को कुछ लोग कार से जा रहे थे. जब इस बारे में खबर मिली तो नाकेबंदी कर लालढांग तिराहे के पास चेकिंग शुरू कर दी.

इस दौरान वाहन की तलाशी ली गई तो 3 आरोपियों के पास नकली नोट बनाने वाले उपकरण और नकली नोट बरामद हुए. इनमें 4 नोट 500 के असली थे, जिनका इस्तेमाल नकली नोटों के प्रिंट निकालने के लिए किया जाता था. आरोपियों के पास नकली नोटों के साथ ही 25 पेपरशीट मिलीं. इन पर करीब 50 हजार के नकली नोट प्रिंट थे. वहीं 1 लैपटॉप, 2 प्रिंटर, 5 मोबाइल बरामद हुए हैं.
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इससे पहले बड़ापुर बिजनौर में भी करीब 1 लाख रुपये के नकली नोट छापे थे, जिसमें से करीब 60 हजार के नकली नोट मार्केट में चला दिए थे. गिरफ्तार आरोपियों में 31 साल का देवेंद्र कुमार, 30 साल का गुलजार अहमद और 26 साल का शगुन जोशी शामिल है.

एसपी क्राइम निशा यादव का कहना कि वन कर्मियों के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी, उसी क्रम में उन लोगों से कुछ नकली नोटों की बरामदगी हुई थी. सूचना मिली थी कि इसी गाड़ी से ट्रांसपोर्टेशन किया जा रहा है. जब इस गाड़ी को इंटरसेप्ट किया गया तो करीब 52000 के प्रिंटेड नोट मिले, जो सीट में थे.
इसके साथ ही साथ एक लैपटॉप और दो प्रिंटर की भी बरामदगी हुई है. जो नोट होते थे, उनको बेसिकली हाई क्वालिटी में स्कैन करके उनको प्रिंट किया जा रहा था. अभी तक इन 6 लोगों की अरेस्टिंग हुई है. इनके द्वारा पूछताछ में बताया गया कि ये पूरा नेटवर्क लालढांग से ऑपरेट किया जा रहा था. पूरे ऑर्गेनाइज्ड तरीके से ये लोग काम कर रहे थे.