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योगी सरकार ने वृंदावन-बरसाना को घोषित किया तीर्थस्थल, मांस-मदिरा बेचना होगा जुर्म

मथुरा और वृंदावन को पवित्र तीर्थस्थल घोषित कर योगी ने UP को स्पिरिचुअल टूरिज्म स्टेट बनाने की दिशा में पहलकदमी शुरू भी कर दी है.

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वृंदावन
वृंदावन

अयोध्या में छोटी दिवाली पर भव्य दीपोत्सव, फिर चित्रकूट में महाआरती और अब मथुरा के वृंदावन और बरसाना को पवित्र तीर्थस्थल बनाने का एलान. UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक के बाद एक धार्मिक एजेंडे को अंजाम देने में जुटे हैं.

योगी आदित्यनाथ की यह सारी कवायद उत्तर प्रदेश में पर्यटन को और खासकर हिंदू धर्मस्थलों को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर भी देखा जा रहा है.

वृंदावन और बरसाना को धार्मिक नगरी का दर्जा देने का मतलब होगा कि अब कृष्ण भक्तों की इस नगरी में मांस-मदिरा का न तो क्रय विक्रय हो सकेगा और न ही इनका सेवन किया जा सकेगा, बल्कि इसे अपराध माना जाएगा. कृष्ण लीला की इस नगरी को धार्मिक नगरी घोषित करने से कृष्ण भक्तों की बड़ी तादाद खुश है, क्योंकि यहां के लगभग सभी वैष्णव संगठन इसकी मांग करते रहे थे.

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तीन दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ ने चंदौली में कहा था कि उत्तर प्रदेश में सामान्य पर्यटन के साथ-साथ की भी अपार संभावनाएं हैं और सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दिनों में UP में पर्यटकों की संख्या में दस गुना बढ़ोत्तरी हो.

अधिसूचना जारी

मथुरा और वृंदावन को पवित्र तीर्थस्थल घोषित कर योगी ने UP को स्पिरिचुअल टूरिज्म स्टेट बनाने की दिशा में पहलकदमी शुरू भी कर दी है. इसके लिए सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है. साथ ही धर्मार्थ कार्य विभाग को भी अवगत करा दिया है.

इस बात की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मथुरा जिले का वृंदावन क्षेत्र भगवान कृष्ण की जन्मस्थली एवं भगवान कृष्ण तथा उनके बड़े भाई बलराम की क्रीड़ा स्थली के रूप में विश्वविख्यात है. साथ ही बरसाना राधा रानी की जन्मस्थली एवं क्रीड़ास्थली भी है. इन पवित्र स्थानों पर देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने एवं पुण्यलाभ के लिए आते हैं. इन तीर्थस्थलों के पौराणिक एवं पर्यटन की दृष्टि से इनके अत्यधिक महत्व को देखते हुए तीर्थस्थल घोषित किया गया है.

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