scorecardresearch
 

राफेल के दस्तावेज कैसे हुए 'लीक', रक्षा मंत्रालय ने शुरू की जांच

मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने रक्षा मंत्रालय में आरटीआई दाखिल करके सवाल पूछा था कि रक्षा मंत्रालय को कब पता चला था कि राफेल डील की फाइल चोरी हुई?

Advertisement
X
राहुल गांधी राफेल डील पर बताते हुए
राहुल गांधी राफेल डील पर बताते हुए

राफेल डील से जुड़े दस्तावेजों के लीक होने के मामले में रक्षा मंत्रालय ने जांच शुरू कर दी है. इसका खुलासा रक्षा मंत्रालय द्वारा दिए गए एक आरटीआई के जवाब में हुआ है. सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील के दस्तावेजों को लेकर मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा पूछे गए सवालों पर रक्षा मंत्रालय ने जवाब देते हुए कहा है कि वर्गीकृत जानकारी का पब्लिक डोमेन पर प्रकटीकरण और सुरक्षा निर्देश नियमावली का उल्लंघन को लेकर रक्षा मंत्रालय (सुरक्षा कार्यालय) द्वारा आंतरिक जांच शुरू की गई हैं.

मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने रक्षा मंत्रालय में आरटीआई दाखिल करके सवाल पूछा था कि रक्षा मंत्रालय को कब पता चला था कि राफेल डील की फाइल चोरी हुई है, आरटीआई में दूसरा सवाल ये था कि रक्षा मंत्रालय ने दस्तावेजों के सामने आने के मामले में क्या कार्रवाई की है, तीसरे सवाल में सीधे पूछा गया कि क्या इसकी जानकारी प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को दी गई थी और अगर दी गई तो फिर प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने इस मामले में क्या कार्रवाई की? आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने ये भी पूछा कि इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत की गई थी या नहीं.

Advertisement

अनिल गलगली की 8 मार्च की इस आरटीआई पर रक्षा मंत्रालय के वायु अधिग्रहण के उप सचिव सुशील कुमार ने जवाब देते हुए लिखा है कि वर्गीकृत जानकारी का पब्लिक डोमेन पर प्रकटीकरण और सुरक्षा निर्देश नियमावली का उल्लंघन को लेकर रक्षा मंत्रालय (सुरक्षा कार्यालय) द्वारा आंतरिक जांच शुरू की गई है.

सुप्रीम कोर्ट में राफेल मामले में नए दस्तावेज सामने आने के बाद कोर्ट दोबारा इस मामले पर सुनवाई कर रहा है. सरकार ने इन दस्तावेजों पर दलील देते हुए कहा था कि राफेल से जुड़ी फाइल के अहम कागज लीक हुए हैं जो कि सीक्रेट कानून का उल्लंघन है, लेकिन कोर्ट ने इन कागजों पर संज्ञान लिया. हलांकि, आरटीआई से मिले जवाब के मुताबिक अब रक्षा मंत्रालय ने लिए दस्तावेजों के मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है.

आरटीआई दाखिल करने वाले एक्टिविस्ट अनिल गलगली का कहना है कि यह हाई प्रोफाइल मामला होने से सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग दावे तो किए हैं तो फिर जानकारी देने में संकोच नहीं करना चाहिए. सरकार इससे जुड़ी हुई जानकारी जो सुप्रीम कोर्ट में आसानी से दे सकती है तो इसे सार्वजनिक करना चाहिए ताकि इस राफेल डील और उसके दस्तावेजों पर जनता खुद निर्णय ले सके.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement