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निर्वाचक मंडल को मीरा कुमार की चिट्ठी- आपके पास इतिहास रचने का मौका, अंतरात्मा की आवाज सुनें

मीरा कुमार ने राजनीति के ऊपर उठकर राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग की अपील की है. उन्होंने चिट्ठी में लिखा है कि निर्वाचक मंडल के पास इतिहास रचने का मौका है और वो सारे मतभेदों को भुलाकर अंतरात्मा की आवाज सुनकर फैसला लें.

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मीरा कुमार
मीरा कुमार

राष्ट्रपति चुनाव मैदान में अब एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के सामने यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार हैं. दोनों उम्मीदवार अपने-अपने पक्ष में वोट डालने के लिए निर्वाचक मंडल से अपील कर रहे हैं. इसी कड़ी में मीरा कुमार ने सभी निर्वाचक मंडलों को एक चिट्ठी लिखी हैं, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है.

मीरा कुमार ने राजनीति के ऊपर उठकर में वोटिंग की अपील की है. उन्होंने चिट्ठी में लिखा है कि निर्वाचक मंडल के पास इतिहास रचने का मौका है और वो सारे मतभेदों को भुलाकर सुनकर फैसला लें.

मीरा कुमार को 17 दलों का समर्थन
राष्ट्रपति उम्मीदवार चुनने के लिए संसद भवन में 22 जून को विपक्ष की बैठक हुई और मीरा कुमार का नाम तय हुआ. बैठक में 17 विपक्षी दलों के नेताओं ने भाग लिया. एनसीपी के शरद पवार ने मीरा कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा. विपक्ष का कहना है कि वे सेकुलर दलों से मीरा कुमार को समर्थन देने की अपील करेगा. मीरा कुमार 27 जून को नामांकन भरेंगी.

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मीरा कुमार के बारे में
31 मार्च 1945 को जन्मी दलित समुदाय से हैं और वे पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की बेटी हैं. वर्ष 1985 में वो पहली बार सांसद बनी, उन्होंने बिजनौर से चुनाव लड़ा था. साल 2009 में मीरा कुमार लोकसभा की पहली स्पीकर बनी और यूपीए की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार हैं.

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