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सिद्धार्थनाथ सिंह का ममता पर हमला, बोले- सांप्रदायिक घटनाओं पर चुप क्यों हैं ममता?

सिद्धार्थनाथ बोले कि बंगाल की अवार्ड वापसी ब्रिगेड इन सांप्रदायिक घटनाओं पर चुप क्यों है, वहीं जो मीडिया हाउस दादरी और गुजरात दिखाते है वो चुप क्यों है ?

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बीजेपी नेता सिद्धार्थनाथ सिंह
बीजेपी नेता सिद्धार्थनाथ सिंह

बंगाल में हो रही सांप्रदायिक घटनाओं के मद्देनजर ममता बनर्जी पर हमला करते हुए बीजेपी नेता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी ने डिमनीटाइजेशन नहीं होने पर दंगों की चेतावनी दी थी, देश मे कहीं दंगे नहीं हुए लेकिन हावड़ा के धुलागढ़ में टीएमसी के माइनॉरिटी विंग के लोग पुलिस की सुरक्षा में हिंदुओं को मार रहे, लूट रहे हैं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ कर रहे है. सिद्धार्थ बोले कि बंगाल में बीजेपी का जहां ग्राफ बढ़ा है वहां टीएमसी के माइनॉरिटी हिंदुओं को डराने का काम कर रहे हैं. ममता बनर्जी नोटबंदी के विरोध में पूरे देश में घूम रहीं पर बंगाल के सांप्रदायिक हिंसा पर चुप क्यों हैं ?

सिद्धार्थानाथ सिंह ने कहा कि क्या ममता बनर्जी की स्टेट पालिसी है कि जहां बीजेपी का वोट बढ़ रहा वहां टीएमसी के माइनॉरिटी हिंदुओं को डरा रहे हैं. नकली नोट पर तालेबंदी के चलते ममता बनर्जी नोटबंदी का विरोध कर रही हैं, एक तरफ ममता कहती हैं कि राज्य के किसान गरीब हैं तो दूसरी तरफ बंगाल में जनधन एकाउंट में हजारों करोड़ रुपये आ जाते हैं, ममता को इसके बारे में बताना चाहिए.

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सिद्धार्थनाथ बोले कि बंगाल की अवार्ड वापसी ब्रिगेड इन सांप्रदायिक घटनाओं पर चुप क्यों है, वहीं जो मीडिया हाउस दादरी और गुजरात दिखाते है वो चुप क्यों है ? उन्होंने कहा कि इसके लिए बीजेपी का एक डेलीगेशन बंगाल जाएगा, वहीं बंगाल की राज्य इकाई को मानवाधिकार आयोग में शिकायत करने को भी कहा गया है. नोटबंदी पर सिद्धार्थनाथ सिंह बोले कि नोटबंदी का गोल है ब्लैक मनी और नकली नोट पर रोक लगाना और इसके लिए माध्यम है कैशलेस ट्रांजैक्शन, जिसे सरकार बढ़ावा दे रही है.


राहुल के मोदी पर कपड़े बदलने वाले बयान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कल कह रहे थे कि कांग्रेस का कल्चर नहीं है कि पीएम मुर्दाबाद के नारे लगाए लेकिन 24 घंटे में ही कांग्रेस पार्टी का डीएनए सामने आ गया. उन्होंने बोला कि हम राहुल गांधी को चेतावनी देना चाहेंगे कि व्यक्तिगत हमले ना करें वर्ना उनको लेकर भी ये सिलसिला चल पड़ेगा. वहीं उन्होंने कहा कि आतंकी भटकल पर कोर्ट के फैसले के सांप्रदायिकरण की ओवैसी की कोशिश की निंदा और भर्त्सना करते हैं. ओवैसी और उनके लोग लोकतंत्र पर परजीवी की तरह व्यवहार करते हैं.

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