पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हिंसा का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है. हाईकोर्ट ने मामले में पंजाब सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है. साथ ही हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने को भी कहा गया है.
LPU हिंसा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि LPU पंजाब की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी है. इसके अलावा यूनिवर्सिटी नेशनल हाईवे पर स्थित है. याचिकाकर्ता की ओर से इसे सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा भी बताया गया.
इस बीच LPU में हिंसा और विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर भी पंजाब पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने करीब 300 सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने के लिए फ्लैग किया है. पुलिस का कहना है कि इनमें ऐसे वीडियो शामिल हैं, जो मौके पर मौजूद वास्तविक स्थिति से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं और जांच से जुड़े तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखा रहे हैं.
MeitY को लिखी चिट्ठी
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, साइबर क्राइम टीम ने अलग-अलग लिंक की पहचान की है. पंजाब पुलिस इन पोस्ट को सीधे नहीं हटा सकती, इसलिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को लिखा गया है. पुलिस ने मंत्रालय से X और Meta के Facebook और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को संबंधित कंटेंट हटाने का निर्देश देने की मांग की है.
इनमें LPU हिंसा और विरोध प्रदर्शन से जुड़े AI जनरेटेड और AI से एडिट किए गए वीडियो भी शामिल हैं. फ्लैग किए गए एक वीडियो को X पर करीब 2.5 लाख बार देखा जा चुका है. इसमें पुलिस की वर्दी में एक अधिकारी को कथित तौर पर LPU कैंपस में रेप की घटना की पुष्टि करते दिखाया गया है. इस वीडियो की पहचान AI से मैनिपुलेट किए गए वीडियो के रूप में की गई है.
इसके अलावा कथित फर्जी पुलिस बयान और बदले गए फुटेज वाले वीडियो भी सामने आए हैं. इससे पहले PIB Fact Check और कपूरथला पुलिस भी LPU मामले से जुड़े कुछ AI-एडिटेड वीडियो का खंडन कर चुके हैं.