फगवाड़ा (Phagwara) पंजाब के कपूरथला जिले में स्थित एक शहर और नगर निगम है. यह कपूरथला जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर और राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से लगभग 124 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. फगवाड़ा को पंजाब के दोआबा क्षेत्र का हिस्सा माना जाता है. शहर में चीनी, ग्लूकोज, स्टार्च, कपड़े और ऑटो पार्ट्स से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियां होती हैं. यहां श्री हनुमान गढ़ी मंदिर भी स्थानीय धार्मिक स्थलों में शामिल है.
फगवाड़ा के इतिहास को पंजाब के पुराने व्यापारिक और कृषि क्षेत्रों से जोड़ा जाता है. उपलब्ध ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार इस क्षेत्र में फग्गू मल बसरा नामक जाट जागीरदार ने एक बाजार बस्ती के रूप में फगवाड़ा को विकसित किया था. बाद में यह आसपास के गांवों के लिए व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बना.
फगवाड़ा के इतिहास में भाई फग्गू का भी उल्लेख मिलता है. उन्हें गुरमुख, मसंद और गुरु अमरदास जी के अनुयायी के रूप में बताया जाता है. परंपरा के अनुसार गुरु अमरदास जी ने उन्हें बिहार के सासाराम में सिख धर्म के प्रचार के लिए भेजा था. उन्होंने अपने जीवन का बाद का समय वहीं बिताया. गुरु तेग बहादुर जी ने भी बिहार में उनसे मुलाकात की थी और उन्हें चाचा जी कहकर संबोधित किया था. इसी कारण उन्हें चाचा फग्गू के नाम से भी जाना जाता है.
सिख इतिहास में फगवाड़ा का संबंध छठे सिख गुरु, गुरु हरगोबिंद साहिब जी से भी बताया जाता है. वर्ष 1635 में गुरु हरगोबिंद साहिब जी फगवाड़ा आए थे. स्थानीय परंपरा के अनुसार उन्होंने भाई फग्गू के घर जाने के दौरान शहर के लोगों की प्रतिक्रिया देखी थी. इसी प्रसंग से जुड़ी एक लोककथा में फग्गू दा वाड़ा नाम का उल्लेख मिलता है, जो समय के साथ फगवाड़ा नाम से जुड़ गया.
पंजाब के फगवाड़ा स्थित LPU में बवाल के बाद तनाव के बीच पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और खबर शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि करने की अपील की है. यूनिवर्सिटी में 10 दिनों के लिए क्लासेस सस्पेंड और एग्जाम रद्द कर दिए गए हैं.