पंजाब के गुरदासपुर जिले में नशे के कथित कारोबार को रोकने गए तीन लोगों पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया गया. इस वारदात में 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई, जबकि निशान सिंह और गुरमुख सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना थाना श्री हरगोबिंदपुर के अंतर्गत आने वाले गांव माड़ी पन्नवां में देर रात हुई. हमले के बाद गांव में दहशत का माहौल है.
जानकारी के मुताबिक, घायल हुए लोगों की पहचान अमरजीत सिंह के 35 वर्षीय बेटे निशान सिंह, परमजीत सिंह के 35 वर्षीय बेटे गुरमुख सिंह और तरसेम सिंह के 40 वर्षीय बेटे बिक्रमजीत सिंह के रूप में हुई है. तीनों घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचे थे, जहां उपचार के दौरान बिक्रमजीत सिंह ने दम तोड़ दिया. बाकी दोनों की हालत गंभीर बताई गई है.
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घटना के बाद घायलों के परिजनों ने आरोप लगाया कि गांव में कुछ लोग नशा करते हैं और कथित तौर पर इसकी बिक्री भी करते हैं. उन्होंने बताया कि इन्हीं लोगों ने एक युवक का मोबाइल फोन चोरी कर लिया था. फोन के बारे में पूछताछ करने और उसे वापस लेने के लिए तीनों वहां गए थे. इसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया.
मोबाइल फोन को लेकर हुआ विवाद, हमले में गई जान
घायल निशान सिंह और घायल के पिता निर्मल सिंह ने आरोप लगाया कि गांव में नशा करने और बेचने वाले लोगों की गतिविधियों को लेकर पहले से परेशानी थी. मोबाइल फोन चोरी होने के बाद उसे वापस लेने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ की गई थी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया.
जिस युवक का मोबाइल फोन कथित तौर पर छीना गया था, उसने भी आरोप लगाया कि हमले के आरोपी गांव में नशा करते हैं और उसे बेचते हैं. उसका कहना है कि मोबाइल फोन के बारे में पूछने के लिए वह संबंधित लोगों के पास गया था. इस दौरान बिक्रमजीत सिंह की हत्या कर दी गई, जबकि उसका आरोप है कि मृतक का मोबाइल फोन से जुड़े विवाद में कोई लेना-देना नहीं था.
15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, नशे के आरोपों की जांच
मामले में 10 से 15 लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. हालांकि, आरोपियों की भूमिका और वारदात के पीछे की पूरी वजह जांच का विषय है.
इस संबंध में थाना श्री हरगोबिंदपुर के डीएसपी मनोज कुमार ने बताया कि 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जब उनसे नशा बेचने के आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस पहलू की जांच की जा रही है. पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हमले की वजह, आरोपियों की भूमिका और गांव में नशे की कथित बिक्री से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.