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'छात्रों से माफी मांगें PM मोदी', राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने रखीं ये तीन बड़ी मांगें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्र कोई अपराध नहीं कर रहे हैं, वे सिर्फ अपने हक की मांग कर रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि देश में निष्पक्ष और बेहतर शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी भी मामले में दोषसिद्धि नहीं हुई.

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राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की समस्या अब बहुत गंभीर हो चुकी है. (Photo- ITG)
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की समस्या अब बहुत गंभीर हो चुकी है. (Photo- ITG)

लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर उनके साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि आखिर छात्रों ने ऐसा क्या गलत किया है, जिसके लिए उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया जा रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र कोई अपराध नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने हक की मांग कर रहे हैं. इस दौरान राहुल ने केंद्र सरकार के सामने तीन मांगें भी रखीं.

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश के हजारों-हजारों छात्र आखिर क्या गलत कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि छात्रों पर सुरक्षा बलों की ओर से हथियार तानने, उन्हें पीटने और अपमानित करने की खबरें सामने आ रही हैं. उन्होंने सवाल किया कि छात्रों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है?

कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से वही मांग रहे हैं, जिसका उन्हें अधिकार है. उन्होंने कहा कि छात्रों को ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहिए, जो सही तरीके से काम करे और निष्पक्ष हो. लेकिन आज देश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था नहीं है.

राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की समस्या अब बहुत गंभीर हो चुकी है. उन्होंने कहा कि छात्र पहले से ही भारी तनाव से गुजरते हैं. कई बच्चे आत्महत्या तक कर चुके हैं. छात्र और उनके परिवार मेहनत की कमाई परीक्षा और शिक्षा पर खर्च करते हैं, लेकिन परीक्षा से ठीक पहले उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है.

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'10 साल में देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं'

राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 साल में देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, लेकिन इनमें एक भी मामले में दोषसिद्धि नहीं हुई. उन्होंने कहा कि इससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं. इनमें ज्यादातर मध्यम वर्ग और गरीब परिवार हैं, जो अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अपनी मेहनत की कमाई लगाते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि कोई व्यक्ति या लोगों का एक समूह देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रहा है और छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि यह युवाओं के विरोध प्रदर्शन की एक बिल्कुल जायज वजह है. उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष बनाने की मांग की.

शिक्षा व्यवस्था सिर्फ भ्रष्ट नहीं, महंगी भी: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि समस्या सिर्फ यह नहीं है कि शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी है, बल्कि यह व्यवस्था अब आम परिवारों की पहुंच से भी बाहर होती जा रही है. उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा देश का हर युवा जानता है, लेकिन पता नहीं भारत सरकार इसे क्यों नहीं समझती.

राहुल गांधी के मुताबिक, सरकार टैक्स के जरिए पैसा जुटाती है और बच्चों के भविष्य के लिए शिक्षा बजट पर खर्च करती है. उन्होंने दावा किया कि देश का शिक्षा बजट करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि हर साल NEET परीक्षा देने वाले परिवार करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च कर देते हैं. उन्होंने इसे परिवारों से की जा रही लूट करार दिया.

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राहुल गांधी ने कहा कि पहले परिवारों से इतना पैसा खर्च कराया जाता है और फिर उन्हें बताया जाता है कि पेपर लीक हो गया. यही वजह है कि युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. देश युवाओं को रोजगार और आजीविका का अधिकार देता है, लेकिन आज उनके सामने सभी दरवाजे बंद हैं और सिर्फ सरकारी नौकरी का रास्ता बचा है. उन्होंने कहा कि वह छात्रों की मांगों के साथ 1000 फीसदी सहमत हैं और जो कुछ हुआ है, उसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.

राहुल गांधी ने रखीं छात्रों की तीन मांगें

राहुल गांधी ने छात्रों की ओर से तीन प्रमुख मांगें भी सामने रखीं. उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. इसके अलावा, जिन लोगों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.

तीसरी मांग के तौर पर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक और छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार जैसी घटनाओं पर सरकार को जवाब देना होगा.

राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य और इस व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही हैं. उन्होंने सरकार से छात्रों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की.

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'मेरे साथ हुए व्यवहार की मुझे चिंता नहीं'

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में इतनी शालीनता होनी चाहिए कि वह छात्रों से माफी मांगें. प्रधानमंत्री सिर्फ उस व्यवस्था को चला रहे हैं, जिसमें छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है. जब राहुल को पुलिस द्वारा लेकर जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें अपने साथ हुए व्यवहार की कोई चिंता नहीं है. उनके साथ पांच गुना ज्यादा बुरा व्यवहार किया जाए, उन्हें इसकी भी परवाह नहीं है, लेकिन ध्यान छात्रों के मुद्दे पर रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ पूरी तरह खड़ी है. कल मेरे मुंह से खून निकल रहा था, लेकिन मुझे इसकी चिंता नहीं है. उन्होंने इस पूरे मुद्दे में डॉ. जितेंद्र सिंह के बयान को अप्रासंगिक बताया.

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