बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद मंगलवार को दिल्ली में पीएम मोदी और पूर्व बिहार सीएम नीतीश कुमार की मुलाकात हुई. इस मुलाकात में संजय झा भी साथ हैं. जैसे ही मुलाकात की खबर सामने आई, दिल्ली से लेकर बिहार तक की सियासी गली में तरह-तरह चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. इस मुलाकात को बांकीपुर सीट पर बीजेपी की हार और जनसुराज के मुखिया पीके की जीत के संबंध में देखा जा रहा है. बता दें कि बांकीपुर बीजेपी के अध्यक्ष बन चुके नितिन नवीन की सीट थी, जो उनके छोड़ने से ही खाली हुई थी.
इसे एक तरह से बीजेपी का बड़ा गढ़ माना जाता था, क्योंकि लगभग तीन दशकों से यहां से बीजेपी जीतती आ रही थी, लेकिन इस बार की हार ने बीजेपी को इसकी समीक्षा के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है. ऐसे में जब नीतीश कुमार की पीएम मोदी से मुलाकात की खबर सामने आई तो लोग अनायास ही वहां से डॉट्स कनेक्ट करने में लग गए हैं.
बांकीपुर सीट पर कुल 25 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, जिनमें आठ निर्दलीय उम्मीदवार शामिल थे. प्रशांत किशोर ने अपने पहले ही चुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 वोटों से हराकर जीत हासिल की. उन्हें 64,151 वोट मिले. भाजपा ने नीरज कुमार को अंतिम समय में उम्मीदवार बनाया था, क्योंकि पार्टी के घोषित प्रत्याशी अभिषेक 'बंटी' ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था.
यह उपचुनाव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधानसभा से इस्तीफा देने के कारण कराया गया था. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस बार रेखा गुप्ता पर भरोसा जताया, लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा. रेखा गुप्ता को 14,273 वोट मिले. इससे पहले 2025 के विधानसभा चुनाव में भी वह नितिन नवीन से 50 हजार से अधिक वोटों के अंतर से पराजित हुई थीं.
करीब 3.8 लाख मतदाताओं वाले इस विधानसभा क्षेत्र में 30 जुलाई को मतदान हुआ था. इस बार 34.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2025 के विधानसभा चुनाव में हुए 41.45 प्रतिशत मतदान की तुलना में काफी कम रहा था.