इन दिनों देश में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष मोर्चा खोले बैठा है. इसी कड़ी में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव करेगा. इससे पहले दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में पार्टी बड़ी बैठक कर रही है. पार्टी के तेवर इस बार काफी आक्रामक नजर आ रहे हैं.
कांग्रेस का मकसद सरकार और चुनाव आयोग की नीतियों के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक मोर्चा खोलना है. इस उच्च स्तरीय बैठक में देश भर की सभी राज्य इकाइयों के शीर्ष नेता, प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी मौजूद हैं. इसके अलावा, कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठनों के प्रमुख और प्रभारी भी इस महामंथन का हिस्सा बने हुए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विरोध प्रदर्शनों का एजेंडा तैयार करना है चुनाव आयोग के घेराव को लेकर पार्टी ने 6 अक्टूबर को बड़ा घेराव करने वाली है. इसे सफल बनाने के लिए बैठक में रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जा रही है.
8 अक्टूबर को कांग्रेस का मार्च
8 अक्टूबर को कांग्रेस का बड़ा मार्च होने वाला है, जिसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. सबसे बड़ा जोर इस बात पर है कि इस मार्च में विपक्षी गठबंधन के दूसरे घटक दलों को भी साथ लाया जाए.
जन आंदोलन बनाने की कोशिश
कांग्रेस की रणनीति सिर्फ अपने दम पर विरोध करने की नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर तमाम विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की है. पार्टी चाहती है कि इस विरोध प्रदर्शन को एक बड़े 'जन आंदोलन' के रूप में बदला जाए, ताकि आम जनता की आवाज को और ज्यादा मजबूती से उठाया जा सके.
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बैठक में सिर्फ आगामी दो कार्यक्रमों पर ही नहीं, बल्कि इसके बाद आंदोलन के अगले चरणों और भावी रणनीतियों पर भी मंथन चल रहा है.