क्या कांग्रेस आजम खान को अपनी ओर खींचने की कोशिश में है? उत्तर प्रदेश की जो सियासी गली रामपुर की ओर जाती है ये सवाल वहीं से सुगबुगाहट की शक्ल में उठा है और अब राजनीतिक हलको में चर्चा का विषय बन चुका है. इस सवाल के पीछे की वजह है एक घटनाक्रम. असल में हुआ यूं कि उत्तर प्रदेश में चुनावी बिसात बिछ रही है और इस बीच पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य रविवार को रामपुर पहुंचे थे.
स्वामी प्रसाद मौर्य ने रविवार को आजम खान की पत्नी डॉ ताजीन फातिमा से मुलाकात की थी. इससे पहले वे राहुल गांधी से भी मिल चुके हैं. इसके बाद से सियासी चर्चा तेज है. मौर्य ने योगी सरकार पर बदले की भावना का आरोप लगाया है जबकि ताजीन फातिमा ने टिकट मांगने की खबरों को गलत बताया था.
असल में स्वामी प्रसाद मौर्य खुद उपेक्षा के चलते समाजवादी पार्टी छोड़कर अपनी पार्टी बना चुके हैं. दूसरी तरफ सपा नेतृत्व और आजम खान के बीच खींचतान जारी है. कुछ दिन पहले ताजीन फातिमा लखनऊ जाकर अखिलेश यादव से मिली थीं. तब चर्चा थी कि वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 15 विधानसभा सीटों के टिकट आजम खान की मर्जी से देने का संदेश लेकर गई हैं. मीडिया से बात करते हुए मौर्य ने कहा कि योगी सरकार वरिष्ठ नेता आजम खान से बदले की भावना से दुश्मनी निकाल रही है और लोकतंत्र में इसकी कोई जगह नहीं है. उनके मुताबिक यह भाजपा का गिरा हुआ चेहरा दिखाता है.
उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में वे आजम खान के साथ खड़े हैं और सरकार के रवैये की कड़ी निंदा करते हैं. मौर्य ने कहा कि पहले चुनाव विचारों के आधार पर होते थे, पर अब छोटे अपराधों का हवाला देकर आजम खान को लंबे समय से जेल में रखा गया है. उन्होंने इसे तानाशाही बताया और भाजपा सरकार से कहा कि यह नई परंपरा आगे उसी के लिए भारी न पड़ जाए. पार्टी में जाने को लेकर पूछे जाने पर मौर्य ने कहा कि वे सिर्फ आजम खान की पत्नी से मिलने आए थे, जो विधायक, सांसद और प्रोफेसर रही हैं. रविवार होने की वजह से जेल में आजम खान से मुलाकात नहीं हो सकी. वे पहले भी साथ थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे, पर इस मौके पर राजनीति नहीं करना चाहते.
ताजीन फातिमा ने कहा कि मौर्य के आने से अच्छा लगा और उन्होंने बस आजम खान व अब्दुल्लाह की खैरियत पूछी. टिकट की खबरों पर बोलीं कि न टिकट मांगा, न राजनीति पर बात हुई, वे निजी मसलों पर गई थीं. अखबार बहुत कुछ छापते हैं, जिनका हकीकत से ताल्लुक नहीं होता. 2027 के चुनाव पर बोलीं कि अभी सोच नहीं रहे, पहला मकसद आजम खान को बाहर निकालना है. सुनवाई न होने पर कहा कि यह अल्लाह की मर्जी है. जेल में सेहत पर बोलीं कि जेल की हालत ज्यादा अच्छी नहीं है और अब्दुल्लाह वैसे ही हैं जैसे जेल में होते हैं.