सावन के तीसरे सोमवार पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. इसी दौरान मंदिर परिसर के पास हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले इलाके में भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया, जिससे भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए. मंदिर प्रबंध समिति ने कुछ मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंदिर में अफरातफरी और अव्यवस्था से जुड़ी खबरों को भ्रामक बताया है.
भीड़ का दबाव बढ़ने के बाद कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई. कुछ लोगों के गिरने और बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई है. मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने श्रद्धालुओं को भीड़ से बाहर निकाला. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, घटना में 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की बात सामने आई है.
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सावन के तीसरे सोमवार पर भगवान महाकाल के साथ नागचंद्रेश्वर मंदिर के विशेष दर्शन को लेकर सुबह से ही मंदिर क्षेत्र में भारी भीड़ बनी हुई थी. जानकारी के मुताबिक, अब तक करीब 5.50 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक बार खुलते हैं, इसलिए यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं.
मंदिर समिति ने भगदड़ के दावे को किया खारिज
मंदिर समिति ने इन खबरों का खंडन करते हुए श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. समिति के मुताबिक, नागपंचमी, सावन सोमवार और भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा रही. अब तक करीब 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. अलग-अलग मार्गों पर लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं. समिति ने श्रद्धालुओं से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और भ्रामक या अपुष्ट खबरें साझा नहीं करने की अपील की है.
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करंट फैलने की अफवाह से हुए भगदड़ जैसे हालात
महाकाल मंदिर में भारी भीड़ के बीच नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी कतार में करंट फैलने की अफवाह से श्रद्धालुओं में दहशत की स्थिति बन गई. हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में डीपी के पास करंट फैलने की बात फैलने के बाद भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बनी, जिसमें कुछ श्रद्धालुओं के गिरने और बैरिकेडिंग से टकराने की जानकारी सामने आई.
नीलकंठ द्वार के पास भी कुछ लोग बैरिकेडिंग पार करते नजर आए. हालांकि, महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने मंदिर में भगदड़ या अव्यवस्था की खबरों को भ्रामक बताया है. समिति का कहना है कि नागपंचमी, सावन सोमवार और महाकाल की सवारी एक ही दिन होने से श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा रही, लेकिन सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं. समिति ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है