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'DMK का नेतृत्व करने लायक भी नहीं हैं', TVK मंत्री का उदयनिधि पर बड़ा हमला

तमिलनाडु के कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने डीएमके नेता और पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन की नेतृत्व क्षमता पर कड़े सवाल उठाए हैं. मंत्री ने उदयनिधि को कनिमोझी के साथ वोटिंग कराने की चुनौती दी और कहा कि केवल राज्य कानून बनाकर नीट को खत्म नहीं किया जा सकता.

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TVK के मंत्री ने उदयनिधि पर साधा निशाना. (File photo: ITG)
TVK के मंत्री ने उदयनिधि पर साधा निशाना. (File photo: ITG)

तमिलनाडु के कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने DMK नेता और राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके नीट विरोधी छात्र आंदोलनों का राजनीतिकरण कर उन्हें हाईजैक किया. मंत्री ने उदयनिधि को कनिमोझी के साथ वोटिंग कराने की खुली चुनौती दी है.

आर. निर्मल कुमार ने चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की नेतृत्व क्षमता पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. मंत्री निर्मल कुमार ने नीट पेपर लीक विरोधी छात्र आंदोलनों में उदयनिधि की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि वो पार्टी का नेतृत्व करने के योग्य भी नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके राजनीतिक कारणों से छात्र आंदोलनों को हाईजैक किया. मंत्री ने साफ किया कि केवल राज्य कानून बनाकर नीट को दरकिनार नहीं किया जा सकता. हालांकि, सत्ताधारी टीवीके सरकार परीक्षा का लगातार विरोध करती रही है.

मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि उदयनिधि को सबसे पहले ये पूछना चाहिए कि क्या उनमें पार्टी का नेतृत्व करने की योग्यता है. उन्होंने चुनौती दी कि अन्ना द्वारा स्थापित डीएमके का नेतृत्व करने के लिए उन्हें वोटिंग करानी चाहिए या ये कहें कि उन्हें इस बात के लिए वोटिंग करनी चाहिए कि डीएमके का नेतृत्व कनिमोझी या उदयनिधि में किस को करना चाहिए. उन्होंने तंज कसा कि उदयनिधि को इसके नतीजे जारी करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि कार्यकर्ता उनकी क्षमता पहले से जानते हैं.

निर्मल कुमार ने आरोप लगाया कि डीएमके छात्र आंदोलनों को भुनाने की सस्ती राजनीति की. उन्होंने दावा किया कि पार्टी ब्रांडेड टी-शर्ट पहनकर पहुंचे डीएमके कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनकारी छात्रों ने खुद खदेड़ दिया. उन्होंने उदयनिधि को आत्मनिरीक्षण करने की सलाह देते हुए कहा कि संशय में होने के कारण ही वो 'Gen-Z' गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं.

नीट पर राज्य सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्रीय कानूनों को दरकिनार करके केवल राज्य कानून पास करने से नीट को खत्म नहीं किया जा सकता. उन्होंने सरकार के विधायी कदमों को महज आंखों में धूल झोंकना बताया, जिससे छात्रों को कोई मदद नहीं मिलेगी.

इससे पहले उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई में CJP के दिल्ली मार्च के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे एसएफआई और डीवाईएफआई सदस्यों की गिरफ्तारी पर टीवीके सरकार के दोहरे रवैये की आलोचना की थी. उन्होंने सरकार से दमनकारी नीति बंद करने और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की मांग की थी.

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