इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी है. कोर्ट ने इस दौरान बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि, 'आज की पीढ़ी भले ही ज्यादा जानकार हो सकती है लेकिन उसे प्रेशर हैंडल करना नहीं आ रहा है.' कोर्ट ने कहा- यह पीढ़ी बेचैन है और ज्ञान में कमजोर है.
यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है. इस फैसले के साथ ही बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने की टिप्पणी
बता दें कि, सोनम की जमानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'बदलते समाज में ये चीजें होना लाजमी है. आज की पीढ़ी हमसे ज़्यादा जानकार हो सकती है लेकिन प्रेशर से निपटने के मामले में वे ज़्यादा कमजोर हैं. इस पर SG मेहता ने कहा कि उनके पास जानकारी ज़्यादा है, ज्ञान नहीं. वहीं इस पर जस्टिस वराले ने कहा कि 'WhatsApp पर जो कुछ भी शेयर किया जा रहा है, उसे ज्ञान माना जा रहा है.'
आज की पीढ़ी बेचैन- SC
इस मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 'आज की पीढ़ी बेचैन है. वे समस्याओं का जल्दी समाधान चाहते हैं. अगर आप जॉइंट फैमिली के सदस्य हैं, तो आप निराशा, एडजस्टमेंट करना सीखेंगे. न्यूक्लियर फैमिली में, आप छोटी-छोटी बातों पर रोते हैं. अगर आपको बात समझ नहीं आती तो आप चिढ़ जाते हैं.
न्यूक्लियर फैमिली में बढ़ रहा डिप्रेशन
बच्चे अंकल, आंटी, दादा-दादी से सीखेंगे. हाल ही में मैंने देखा कि एक बच्चा होटल में रो रहा था, माता-पिता ने तुरंत उसे मोबाइल फोन दिया और बच्चा रोना बंद कर दिया. यह बड़ी समस्या है. इमोशन के बजाय वे उसे गैजेट दे रहे हैं. एसजी मेहता ने कहा कि एक रिपोर्ट है जिसमें कहा गया है कि न्यूक्लियर फैमिली सिस्टम की वजह से डिप्रेशन बढ़ रहा है.
बता दें कि सोनम रघुवंशी का मामला उस समय देशभर में चर्चा का विषय बना था, जब शादी के कुछ समय बाद हनीमून पर गए इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या हो गई थी. मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके प्रेमी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है. बाद में सोनम को जमानत मिलने के खिलाफ मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.