
नकली कैंसर दवाओं के कथित कारोबार की जांच में एक डॉक्टर की ऐसी प्रोफाइल सामने आई है, जिसने रूस से MBBS की पढ़ाई की, लेकिन भारत लौटने के बाद मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरूरी परीक्षा पास नहीं कर सका. गिरफ्तार आरोपी डॉ. मनीष शर्मा मूल रूप से मध्य प्रदेश के भिंड का रहने वाला है.
पुलिस की जांच के मुताबिक, बाद में वह अस्पताल चलाने से लेकर ऑनलाइन दवा कारोबार तक पहुंचा और फिर कथित तौर पर कैंसर की नकली और मिलावटी दवाओं के नेटवर्क में शामिल हो गया.
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पुलिस के अनुसार, मनीष ने ग्वालियर से 12वीं तक पढ़ाई की और इसके बाद MBBS करने के लिए रूस चला गया. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 2014 में भारत लौटा. भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरूरी परीक्षा पास करने के लिए उसने कोचिंग भी ली, लेकिन कामयाब नहीं हो सका. इसके बाद उसने कुछ समय फरीदाबाद के पार्क अस्पताल में काम किया.

इसके बाद मनीष ने फरीदाबाद की जवाहर कॉलोनी में KMC अस्पताल शुरू किया. साल 2023 में उसकी शादी डॉ. पारसी शुक्ला से हुई. इसके बाद दोनों ने हरियाणा के सोहना में KMC अस्पताल की दूसरी ब्रांच भी शुरू की. इन अस्पतालों में फ्रीलांस डॉक्टरों को काम पर रखा गया. हालांकि, करीब एक साल बाद आर्थिक दबाव के चलते दोनों अस्पताल बंद हो गए.
अस्पताल बंद हुआ तो ऑनलाइन दवा कारोबार शुरू किया
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल बंद होने के बाद मनीष ने अपनी पत्नी के साथ फरीदाबाद में HK पॉलिक्लिनिक शुरू किया. इसी पते पर HK फार्मासुटिकल्स नाम की फर्म भी रजिस्टर कराई गई. इसके बाद उसने इंडिया मार्ट के जरिए दवाओं की बिक्री शुरू की.
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जांच एजेंसियों के मुताबिक, मनीष की नजर कैंसर की दवाओं में मिलने वाले भारी मुनाफे पर गई. आरोप है कि इसके बाद उसने IndiaMART के जरिए संपर्क करने वाले ग्राहकों को कथित तौर पर तस्करी की गई, मिलावटी और नकली एंटी-कैंसर दवाएं बेचनी शुरू कर दीं.
IndiaMART से ग्राहक, फिर कैंसर दवाओं की सप्लाई
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मनीष शर्मा का कथित दवा कारोबार कितने समय से चल रहा था. उसके संपर्क में कितने ग्राहक और सप्लायर थे. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि उसने किन-किन जगहों से दवाएं हासिल कीं और उन्हें देश के किन हिस्सों में सप्लाई किया.
मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर कथित नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है. फिलहाल मनीष शर्मा पर लगे आरोप जांच का हिस्सा हैं और उसकी दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही तय होगी.