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अचानक आया सैलाब और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स-गाड़ियों को बहाता चला गया, नेपाल में तबाही

तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है. टिमुरे बाजार, कस्टम क्षेत्र, तीन पुलिस चौकियां, कई गाड़ियां और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स बाढ़ में बह गए. सरकार ने 5 जिलों में अलर्ट जारी कर सेना के हेलीकॉप्टरों को रेस्क्यू में लगाया है.

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नेपाल के रसुवा में कुदरत का कहर, काठमांडू से चार जिलों का संपर्क कटा (Photo-Screengrab)
नेपाल के रसुवा में कुदरत का कहर, काठमांडू से चार जिलों का संपर्क कटा (Photo-Screengrab)

तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है. लेन्दे खोला (भोटेकोशी नदी) में अचानक आई बाढ़ से टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र को व्यापक नुकसान पहुंचा है. बड़ी संख्या में वाहन और अन्य सामान बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं. कई जलविद्युत परियोजनाओं और बस्तियों को भी नुकसान पहुंचने की भी खबर है.

रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी के अनुसार, टिमुरे सहित आसपास के दो बाजार बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. रसुवा भन्सार क्षेत्र में बड़ी संख्या में वाहन और अन्य सामान मौजूद थे, जिन्हें बाढ़ अपने साथ बहा ले गई. पिछले साल की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर हाल ही में बनाया गया नया पुल भी इस बार के तेज बहाव में बह गया.

जिला पुलिस कार्यालय रसुवा के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक आई बाढ़ ने टिमुरे बाजार की बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया. रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार ने बताया कि निचले तटीय इलाकों में जलविद्युत परियोजनाओं के बह जाने और बस्तियों में बाढ़ का पानी घुसने की जानकारी मिली है.

बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बाजार और सीमा क्षेत्र में खड़े कई वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए. स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर नुकसान की जानकारी सामने आई है.

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तीन पुलिस कार्यालय भी प्रभावित

तिब्बत की ओर से आई बाढ़ ने नेपाल पुलिस के तीन कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचाया है. पुलिस प्रधान कार्यालय के मुताबिक, इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

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बाढ़ का असर रसुवा से आगे नुवाकोट तक भी पहुंच गया है. जिला प्रशासन कार्यालय नुवाकोट के सूचना अधिकारी रूपेश प्रसाद नेपाल ने इसकी पुष्टि की है.

चार जिलों की ओर जाने वाले वाहन रोके गए

रसुवा में बाढ़ और संभावित खतरे को देखते हुए काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी है. काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के एसपी नरेशराज सुवेदी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इन जिलों की ओर जाने वाले वाहनों को काठमांडू में ही रोका जा रहा है.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा रवाना किए गए हैं. नेपाली सेना के प्रवक्ता एवं ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने बताया कि दोनों हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्र की ओर भेजे गए हैं.

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भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा सके.

पांच जिलों में नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट
भोटेकोशी नदी में बाढ़ के कारण रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन से होकर बहने वाली नदियों के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है.

रसुवा में बड़े पैमाने पर हुए नुकसान को लेकर गृह मंत्री सुदन गुरुंग की मौजूदगी में मानसून प्रतिकार्य कमान्ड पोस्ट की आपात बैठक भी शुरू हो गई है. बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान, खोज एवं बचाव तथा राहत कार्यों को लेकर जरूरी फैसले किए जाने हैं. 

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नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भोटेकोशी नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. गृह मंत्री की ओर से जारी अत्यावश्यक सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के तटीय इलाके मुग्लिन तक उच्च सतर्कता और उच्च जोखिम वाले क्षेत्र हैं. ऐसे में रसुवा, धादिङ, गोरखा, चितवन और नुवाकोट के नदी किनारे रहने वाले परिवारों से अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया गया है.

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प्रशासन ने लोगों से कहा है कि यदि किसी स्थान पर खोज एवं बचाव की जरूरत हो या किसी तरह की सहायता चाहिए तो तत्काल टोल-फ्री नंबर 1234 पर संपर्क करें. गृह मंत्री ने लोगों से पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी–नुवाकोट–रसुवा–स्याफ्रुबेसी सड़क और मुग्लिन–नारायणगढ़ सड़क पर यात्रा नहीं करने तथा इन मार्गों पर आवाजाही पूरी तरह रोकने की अपील की है.सरकार ने नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है.

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बुलाई आपात बैठक
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई भारी तबाही के बीच प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को लेकर आपात बैठक बुलाई है. प्रधानमंत्री के सलाहकार असीम शाह के मुताबिक, प्रधानमंत्री खुद प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख जिलाधिकारियों के संपर्क में हैं और हालात की लगातार निगरानी कर रहे हैं.

सरकार की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, राहत सामग्री पहुंचाना और बाढ़ के खतरे वाले नदी तटीय क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है.

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