SSC GD कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2026 में धांधली और अनियमितताओं के मामले के मास्टरमाइंड अरुण कुमार उर्फ डेविल को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरफ्तारी दिल्ली के शाहबाद डेयरी के पास से हुई है.
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बताया कि अरुण कुमार उर्फ डेविल कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित GD कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले सॉल्वर गैंग का हैकर था. अरुण कुमार को दिल्ली के बेगमपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है. अरुण कुमार दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में रह रहा था और मूल रूप से पटना के पालीगंज का निवासी है.
उसकी उम्र 30 वर्ष है और वह बीए पास है. वह गौतमबुद्ध नगर में थाना थाना नॉलेज पार्क के मुकदमा संख्या 104/2026 में वांछित था. उसके खिलाफ BNS की धारा 318(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और IT ACT 65/66 व परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज है.
मामले में कुल 12 आरोपी गिरफ्तार
STF ने 22 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के बालाजी डिजिटल जोन में छापेमारी कर सात लोगों को गिरफ्तार किया था. इनके पास से 50 लाख रुपये कैश और प्रॉक्सी सर्वर बरामद हुए थे. इस मामले में मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा भी पकड़े गए थे. अब तक इस मामले में कुल 12 आरोपी जेल भेजे गए हैं.
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पूछताछ में सामने आया कि हैकर अमित राणा और अरुण उर्फ डेविल ने ही मिलकर सर्वर की सोर्स फाइल को डिकोड किया था. दोनों ने इस तरह की तैयारी की थी कि उनके क्लाइंट को प्रॉक्सी सर्वर से कनेक्ट किया जा सके. इसके जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे लोगों ने भी अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को कंट्रोल किया.
STF ने इनके पास से 12 TFT स्क्रीन, 2 लैपटॉप, 11 Raspberry Pi डिवाइस, 14 Video Capture, 13 HDTV VGA एडाप्टर, 9 USB एडाप्टर समेत और भी कई इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किए.
कई सॉल्वर गैंग के संपर्क में था डेविल
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने 2019 में दिल्ली के मुखर्जी नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी. और इसी दौरान उसकी और दरभंगा निवासी मनोज की मुलाकात हुई थी. मनोज के संपर्क में आने के बाद उसने स्क्रीन शेयरिंग और हैकिंग सीखी. इसके बाद धीरे-धीरे Modified TFT बनाना शुरू किया और हैकिंग की दुनिया में 'डेविल' नाम से पहचाना जाने लगा. STF के मुताबिक, वह हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और नॉर्थ ईस्ट के कई सॉल्वर गैंग के संपर्क में था.
STF के मुताबिक, साल 2024 में सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली के मामले में उसने पेन ड्राइव के जरिए मुख्य आकोपी को सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया था.