दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है. अब इस मामले की जांच की निगरानी की जिम्मेदारी CBI की अधिकारी सीमा पाहुजा को सौंपी गई है. फिलहाल सीमा पाहुजा CBI दिल्ली की स्पेशल क्राइम यूनिट में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं. उन्हें कई चर्चित और संवेदनशील मामलों की जांच का अनुभव है.
सीमा पाहुजा का नाम इससे पहले गुड़िया केस, हाथरस कांड, उन्नाव मामले और कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े चर्चित बलात्कार-हत्या मामले की जांच से जुड़ चुका है. हिमाचल प्रदेश के चर्चित गुड़िया मामले की जांच में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
कौन हैं सीमा पाहुजा?
सीबीआई की दुनिया में सीमा पाहुजा का नाम एक ऐसी 'सुपरकॉप' के तौर पर लिया जाता है. इतना ही नहीं सीमा पाहुजा CBI की उन अधिकारियों में शामिल रही हैं, जिन्हें गंभीर और संवेदनशील आपराधिक मामलों की जांच का अनुभव है. उन्होंने CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट-1 में भी लंबे समय तक काम किया है. विभाग में उनके काम को लेकर उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं.
CBI में सराहनीय सेवाओं के लिए उन्हें 15 अगस्त 2014 को पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा 2007 से 2018 के बीच उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें दो बार गोल्ड मेडल मिल चुका है. साल 2021 में उन्हें बेस्ट इन्वेस्टिगेटिव ऑफिसर का गोल्डन अवॉर्ड मिल चुका है.
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हाथरस केस में निभाई अहम भूमिका
सीमा पाहुजा हाथरस मामले की जांच करने वाली CBI टीम का हिस्सा रही थीं. सितंबर 2020 में उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और बाद में उसकी मौत के मामले ने देशभर में व्यापक चर्चा पैदा की थी. मामले की जांच CBI को सौंपे जाने के बाद केंद्रीय एजेंसी ने जांच की. इस केस की जांच करने वाली टीम में अधिकारियों समेत करीब 15 सदस्य शामिल थे. सीमा पाहुजा भी इस टीम का हिस्सा थीं और जांच में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई.
उन्नाव केस की जांच से भी जुड़ा नाम
सीमा पाहुजा का नाम उन्नाव दुष्कर्म मामले की जांच से भी जुड़ा रहा है. इस मामले में तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर एक नाबालिग से बलात्कार का आरोप लगा था. दिसंबर 2019 में दिल्ली की एक अदालत ने सेंगर को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. बाद में मामले से जुड़े अन्य घटनाक्रमों में भी अदालतों के फैसले आए.
अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले ने देशभर में आक्रोश पैदा किया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने इस मामले की जांच संभाली. सीमा पाहुजा को भी इस चर्चित मामले की जांच से जोड़ा गया था.
हिमाचल का गुड़िया केस सुलझाया
सीमा पाहुजा हिमाचल प्रदेश के चर्चित गुड़िया मामले की जांच से भी जुड़ी रही हैं. 2017 में शिमला के कोटखाई में 10वीं कक्षा की छात्रा के बलात्कार और हत्या के मामले ने पूरे हिमाचल को झकझोर दिया था. इस मामले की जांच बाद में CBI को सौंपी गई थी. मामले में सीमा पाहुजा की भूमिका भी रही. उनकी जांच के बाद इस मामले में आरोपी को सजा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई.
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अब दिशा सालियान केस की निगरानी
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी. दिशा एक सेलिब्रिटी मैनेजर थीं और उन्होंने कुछ समय के लिए अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी काम किया था. सुशांत सिंह राजपूत की मौत इसके छह दिन बाद 14 जून 2020 को हुई थी.
दिशा की मौत को लेकर लंबे समय से कई तरह के दावे और चर्चाएं होती रही हैं. मुंबई पुलिस ने शुरुआत में इसे दुर्घटनावश हुई मौत के तौर पर दर्ज किया था. बाद की जांच में आत्महत्या की बात सामने आई और पुलिस ने किसी साजिश या फाउल प्ले का सबूत नहीं मिलने की बात कही थी. अब दिशा सालियान मामले की जांच की निगरानी सीमा पाहुजा को दिए जाने के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में है.