कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने वंदे मातरम को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक को खुली चुनौती दी है कि वे बिना कागज या टेलीप्रॉम्प्टर देखे वंदे मातरम की पूरी चारों कड़ियां गाकर दिखाएं. खरगे ने कहा कि अगर दोनों नेता ऐसा कर पाए तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. यह पूरा विवाद कर्नाटक सरकार के उस फैसले से जुड़ा है जिसमें सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम की सिर्फ पहली दो कड़ियां गाने की बात कही गई थी.
कलबुर्गी जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के शपथ ग्रहण समारोह में बोलते हुए प्रियांक खरगे ने कहा कि भाजपा के पास विरोध करने के लिए कोई असली मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह राष्ट्रीय गीत के नाम पर राजनीति कर रही है. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या भाजपा नेता यह मानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस या नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर से भी बड़े हैं.
खरगे ने खुद स्वीकार किया कि उन्हें भी वंदे मातरम की आखिरी दो कड़ियां याद नहीं हैं. उन्होंने कहा कि शुरू से ही सिर्फ पहली एक या दो कड़ियां ही गाई और सिखाई जाती रही हैं, इसलिए बाकी कड़ियां किसी को याद नहीं रहतीं.
यह भी पढ़ें: 'हर घर तिरंगा' अभियान RSS मुख्यालय से शुरू करो', प्रियांक खड़गे का तंज
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे विधानसभा अध्यक्ष से अलग से समय मांगेंगे ताकि आने वाले सत्र में सभी भाजपा विधायक सदन में खड़े होकर बिना कागज देखे वंदे मातरम् गाकर दिखाएं. खरगे ने कहा कि वे देखना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक यह चुनौती स्वीकार करते हैं या नहीं. उनका यह बयान राज्य में वंदे मातरम को लेकर चल रही सियासी बहस को और तेज कर सकता है, क्योंकि भाजपा पहले ही इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है.