कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रूट मार्च को लेकर राज्य सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने संगठन से औपचारिक अनुमति लेने को कहा है. उन्होंने कहा कि सिर्फ गृह विभाग को मार्च की जानकारी देना या अधिकारियों से सहयोग और जरूरी इंतजाम करने के लिए कहना अनुमति मिलने के बराबर नहीं है. RSS को तय प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करना होगा और संबंधित अधिकारियों की मंजूरी का इंतजार करना होगा.
प्रियांक खड़गे ने सोशल मीडिया पर RSS के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने दशहरा उत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि वह स्वयंसेवकों को केवल एक जरूरी बात याद दिलाना चाहते हैं.
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'सिर्फ जानकारी देना अनुमति लेना नहीं'
प्रियांक खड़गे ने लिखा, "मेरे प्यारे RSS स्वयंसेवकों, उम्मीद है कि दशहरा का उत्सव पूरे जोश के साथ चल रहा होगा. मैं आपकी खुशियों में खलल नहीं डालना चाहता, लेकिन एक छोटी सी बात याद दिलाना चाहता हूं. सिर्फ सूचना देना या गृह विभाग से सहयोग करने और जरूरी इंतजाम करने के लिए कहना, अनुमति हासिल करने जैसा नहीं है."
प्रियांक खड़गे ने आगे कहा, "सभी संगठनों पर लागू तय प्रक्रिया के अनुसार अपना आवेदन जमा करें और सक्षम अधिकारियों से औपचारिक मंजूरी मिलने का इंतजार करें."
'एक दिन में लाखों लोग मार्च निकालेंगे तो तैयारी करनी होगी'
प्रियांक खड़गे ने RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, रिपोर्ट में बताया गया है कि RSS ने कर्नाटक में 562 रूट मार्च निकाले, जिनमें वर्दी पहने 2,21,963 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि अगर एक ही दिन बड़ी संख्या में स्वयंसेवक कर्नाटक की सड़कों पर मार्च निकालना चाहते हैं, तो पुलिस विभाग को इसके लिए बड़ी तैयारियां करनी होंगी.
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खड़गे ने लिखा, "पुलिस विभाग को जवानों की तैनाती, परिवहन, भोजन, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सुरक्षा और दूसरी व्यवस्थाएं करनी होंगी. इन सभी कामों के लिए योजना, कर्मचारियों और सार्वजनिक संसाधनों की जरूरत होती है."
तय प्रक्रिया के तहत आवेदन करने की अपील
प्रियांक खड़गे ने RSS से आवेदन फॉर्म भरने और जरूरी जानकारी देने की अपील की. उन्होंने कहा कि संगठन को औपचारिक अनुमति मिलने तक इंतजार करना चाहिए. उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि रूट मार्च के लिए केवल सूचना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तय नियमों के तहत अनुमति लेना जरूरी है.