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चंदा चोरी से सबक! अयोध्या राम मंदिर में अब CEO देखेंगे कामकाज, चुनने के लिए बनी 3 सदस्यीय कमेटी

राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का फैसला लिया है. ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय सर्च कमेटी बनाई है जो उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखेगी. वहीं, ट्रस्ट ने दान चोरी के दोषियों को सजा देने का भरोसा भी दिया है.

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सर्च पैनल उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर ट्रस्ट के सामने 3 नाम पेश करेंगे. (File Photo: ITG)
सर्च पैनल उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर ट्रस्ट के सामने 3 नाम पेश करेंगे. (File Photo: ITG)

राम मंदिर में चंदा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अलर्ट हो गया है. ऐसे में ट्रस्ट ने अब अयोध्या में राम मंदिर के दैनिक कामकाज की देखरेख के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का फैसला लिया है. 

ट्रस्ट ने ये स्वीकार किया है कि हाल ही में सामने आई 'दान चोरी' की घटना से उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है. इसीलिए श्रद्धालुओं का भरोसा फिर से जीतने का संकल्प लेते हुए ट्रस्ट ने सीईओ की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी की घोषणा की है. 

इस कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रदीप कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकान्त चतुर्वेदी और श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावड़े शामिल हैं.

सर्च पैनल के सदस्य लेंगे उम्मीदवारों का इंटरव्यू

दान में हुई हेराफेरी के असर पर चर्चा करने के लिए अयोध्या में तीन घंटे तक चली बैठक के बाद, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि सर्च पैनल के सदस्य उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेंगे और अंतिम चयन के लिए ट्रस्ट के सामने तीन नाम रखेंगे. बता दें कि इस बैठक से पहले विश्व हिंदू परिषद ने भी ट्रस्ट के मामलों को संभालने के लिए एक सीईओ नियुक्त करने का समर्थन किया था.

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गोविंद देव गिरी ने दानपात्रों से हुई चोरी को ट्रस्ट के लिए शर्मिंदगी का विषय बताया. उन्होंने कहा कि इस विवाद ने सदियों लंबे संघर्ष और अनगिनत बलिदानों के बाद बने मंदिर की छवि पर एक कलंक लगा दिया है. वहीं, बैठक के बाद अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सजा मिलेगी. 

उन्होंने कहा कि सभी ट्रस्टी लोगों का भरोसा बहाल करने और श्रद्धालुओं के चढ़ावे का प्रबंधन राम मंदिर ट्रस्ट के मकसद के मुताबिक करने के लिए काम करेंगे.

श्रद्धालु खुद कर सकते हैं अपने दान का वेरिफिकेशन

अयोध्या में हुई बैठक के बाद वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार ने दिल्ली में पत्रकारों को ब्रीफिंग दी. उन्होंने कहा कि ट्रस्टी दान की चोरी से परेशान हैं, लेकिन वो संतुष्ट हैं कि मामला सामने आते ही ट्रस्ट ने खुद SIT जांच की मांग की थी. उन्होंने कहा, 'दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. किसी के प्रति कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए.'

यह भी पढ़ें: चंपत का इस्तीफा-कृष्ण मोहन को कमान, विपक्ष पर वार... राम मंदिर ट्रस्ट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें

आलोक कुमार ने ये भी ऐलान किया कि चढ़ावे में मिली सभी चीजें सुरक्षित हैं और श्रद्धालुओं को उनके दान की गई कीमती चीजों को वेरिफाई करने का ऑप्शन दिया जाएगा. उन्होंने कहा, 'जो कोई भी अपने दान किए गए दान का वेरिफिकेशन करना चाहता है, वो ट्रस्ट के साथ एक समय तय कर सकता है और वहां जाकर पुष्टि कर सकता है कि उनका दान किया गया सामान सुरक्षित है या नहीं.'

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