नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था. अब मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इस बीच 4 अक्टूबर चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है.
बता दें, ममता बनर्जी खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया था. इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था.
पुलिस ने बताया कि मिलन प्रधान को पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया. मिलन प्रधान के खिलाफ चार गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं, जिनमें तीन हत्या के मामले और एक आर्म्स एक्ट के मामले में जारी किया गया.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के नंदीग्राम उम्मीदवार मिलन प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति हत्या के मामले में आरोपी है. आप इसे किस तरह की पार्टी कहेंगे. हमने अखबारों में जो पढ़ा है, उसके मुताबिक 2007 में उन पर हत्या के दो या तीन मामले दर्ज हैं. इसलिए जब भी वह सामने आएंगे, पुलिस को जाहिर तौर पर उन्हें गिरफ्तार करना होगा. कानून इसी तरह काम करता है.
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध है और इसे लोकतंत्र की हत्या बताया.
राहुल ने कहा कि बीजेपी को निष्पक्ष चुनाव में भरोसा नहीं है, इसलिए वह कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी के जरिए सत्ता बचाने की कोशिश करती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव लड़ने के बजाय चुनावी मुकाबला खत्म करना चाहती है. कांग्रेस न डरेगी और न झुकेगी, बल्कि चुनाव लड़ेगी और जीतेगी.
संचिता प्रधान ने नामांकन वापस लिया
ममता खेमे की तरफ से उम्मीदवार बनाई गईं संचिता प्रधान डे शुक्रवार को अपने पति के साथ राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंचीं और सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया. नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 19 सितंबर है. इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया.