scorecardresearch
 

'SIR वाले राज्यों में फिर हों चुनाव, ज्ञानेश कुमार को अरेस्ट किया जाए', EC विवाद पर ममता की मांग

एक मीडिया रिपोर्ट को लेकर उपजे विवाद के बाद ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए चुनावों को रद्द कर फिर से बैलेट पेपर के इस्तेमाल से दोबारा चुनाव कराने की भी मांग की है.

Advertisement
X
ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर बोला हमला. (Photo: PTI)
ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर बोला हमला. (Photo: PTI)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे 'स्पेशल इंसेंटिव फॉर रूलिंग पार्टी' करार दिया.

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और ज्ञानेश कुमार एक जॉइंट वेंचर कंपनी की तरह काम कर रहे हैं. उन्होंने मिलकर बंगाल के चुनाव को लूटा है, अगर आपके पास कोई नैतिक ताकत है तो हमारा चुनाव वापस लौटाओ. उन्होंने कहा कि भाजपा को लगता था कि चुनाव आयोग उन्हें पूरी सुरक्षा देगा, लेकिन अब सब कुछ सामने आ गया है. इसी वजह से उन्होंने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) से संपर्क कर न्याय की मांग की है.

उन्होंने इसे अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा, 'हमने इतना बड़ा स्कैंडल पहले कभी नहीं देखा. इस CEC को गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उनके पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.'

CEC के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की मांग

ममता बनर्जी ने CEC पर हमला बोलते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार का एकमात्र काम भाजपा के अहंकार को संतुष्ट करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 2024 का लोकसभा चुनाव और 2025-26 के सभी चुनाव इन्हीं की वजह से जीते हैं.

जारी रहेगा इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन

महाभियोग प्रस्ताव पर टिप्पणी करते हुए ममता ने कहा कि संसद में महाभियोग प्रस्ताव की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन अब महाभियोग की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें सीधे गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक वह कुर्सी पर रहेंगे, पूरा 'इंडिया' ब्लॉक विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा.

उद्धव ठाकरे ने भी की गिरफ्तारी की मांग

ममता बनर्जी के अलावा शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर जेल भेजने की मांग की है. उन्होंने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र की 'हत्या' करने के आरोप में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाए और जेल भेजा जाए.

Advertisement

ठाकरे ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए पिछले चुनावों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि इन राज्यों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल करके दोबारा चुनाव कराए जाएं.

क्या है मामला

दरअसल, ये पूरा राजनीतिक हंगाम एक प्रतिष्टि अखबारी की रिपोर्ट को लेकर है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लिए गए फैसलों और जारी किए गए आदेशों पर औपचारिक रूप से कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी.

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्षी पार्टियां सुप्रीम कोर्ट से तुरंत दखल देने और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग कर रही हैं.

वहीं, रिपोर्ट पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने वोटर लिस्ट को ठीक करने यानी क्लीनअप अभियान के दौरान अलग-अलग राज्यों में मतदाताओं के नाम हटाने और वोटर डेटाबेस के संचालन से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अपनी चिंताएं जताई थीं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement