सर्दियों का मौसम आते ही जहां लोगों को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े, रजाई और कंबल की जरूरत पड़ने लगती है, वहीं घर की बालकनी में रखे पौधों को भी खास देखभाल की जरूरत होती है. खासकर रात में चलने वाली ठंडी हवाएं और सुबह पड़ने वाला पाला कई पौधों की पत्तियों को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे पौधे मुरझाने लगते हैं, उनकी बढ़त धीमी हो जाती है और कई बार जड़ों पर भी बुरा असर पड़ता है.
ऐसे में अगर आपने अपनी बालकनी को हरे-भरे पौधों से सजाया है, तो उन्हें सर्दियों में अकेला न छोड़ें. अच्छी बात ये है कि पौधों को ठंड से बचाने के लिए आपको महंगे कवर या खास गार्डनिंग प्रोडक्ट खरीदने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको बालकनी में रखे पौधों को ठंड से बचाने के 5 आसान तरीके बताने वाले हैं, जिनमें आपको खर्चा भी कम करना पड़ेगा.
1. गमलों को दीवार के पास रखें: रात में ठंडी हवाएं तेजी से चलती हैं, जो बालकनी में रखे पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकती है. ऐसे में पौधों को ठंडी हवा से बचाना जरूरी होता है. ठंडी हवा सीधे पौधों पर पड़ने से बचाने के लिए गमलों को बालकनी की ऐसी दीवार के पास रखें, जहां हवा का सीधा झोंका कम आता हो. दिन में धूप मिलने वाली जगह चुनना बेहतर रहेगा. हालांकि, पौधों को जरूरत के मुताबिक रोशनी जरूर मिलनी चाहिए.
2. सभी गमलों को एक जगह इकट्ठा करें: गमलों को अलग-अलग रखने के बजाय ग्रुप बनाकर रखना सही रहता है. ग्रुप में पौधे रखने से उन्हें ठंडी हवा से कुछ हद तक बचाया जा सकता है. खासकर रात में ऐसा करने से पौधों के आसपास एक सुरक्षित जगह बनती है. ध्यान रखें कि गमले इतने पास न हों कि हवा का आना-जाना पूरी तरह बंद हो जाए.
3. गमलों को सीधे ठंडे फर्श पर न रखें: सर्दियों में टाइल्स और सीमेंट का फर्श काफी ठंडा हो सकता है. ऐसे में गमलों को लकड़ी के पट्टे, पॉट स्टैंड या किसी मजबूत ऊंची जगह पर रखा जा सकता है. इससे गमले का फर्श से सीधा कॉन्टेक्ट कम होगा. ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी जमा न हो.
4. गमलों को भी पहनाएं विंटर जैकेट: कई बार पौधे की पत्तियों से ज्यादा उसकी जड़ों को अचानक ठंड लगने का खतरा रहता है. ऐसे में गमले के बाहरी हिस्से पर जूट की बोरी या पुराना कपड़ा लपेट सकते हैं. इससे मिट्टी का टेंपरेचर तेजी से बदलने से रोकने में कुछ मदद मिल सकती है. अगर बबल रैप का इस्तेमाल करें, तो उसे केवल गमले के बाहर लगाएं. गमले के नीचे पानी निकलने वाले छेद बंद न हों और मिट्टी में पानी जमा न होने दें.
5. मिट्टी पर बिछाएं सूखी पत्तियों की लेयर: पौधों की मिट्टी के ऊपर सूखी पत्तियां, पुआल या नारियल के छिलकों की हल्की लेयर बिछाने को मल्चिंग कहते हैं. इससे मिट्टी में नमी बनाए रखने और टेंपरेचर में अचानक बदलाव कम करने में मदद मिलती है. गमले की मिट्टी पर करीब 1-2 इंच की लेयर बिछा सकते हैं. ध्यान रखें कि मल्च को पौधे के तने से बिल्कुल सटाकर न रखें और मिट्टी को जरूरत से ज्यादा गीला न होने दें.