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मलेशिया से भारत लाए गए बंबीहा गैंग के तीन गैंगस्टर्स, ड्रग्स-हथियार तस्करी के हैं आरोप

भारतीय एजेंसियों ने मलेशिया में छिपे बंबीहा गैंग के तीन फरार आरोपियों जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवंदीप सिंह को पकड़कर भारत डिपोर्ट किया है. ये आरोपित रंगदारी, हथियारों और ड्रग्स की तस्करी समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल हैं.

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पंजाब पुलिस की गैंगस्टर मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई. (Photo: Representational )
पंजाब पुलिस की गैंगस्टर मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई. (Photo: Representational )

भारतीय एजेंसियों को विदेश में छिपे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है. मलेशिया में पकड़े गए तीन फरार भारतीय आरोपियों को डिपोर्ट कर भारत लाया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, तीनों आरोपियों के संबंध बंबीहा गैंग से बताए जा रहे हैं. इन पर रंगदारी, सीमा पार हथियारों और ड्रग्स की तस्करी समेत कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं.

तीनों पर पंजाब के लुधियाना में ग्रेनेड हमले की एक नाकाम साजिश में शामिल होने का भी आरोप है.

गृह मंत्री कार्यालय (HMO) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत लाए गए आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवंदीप सिंह के रूप में हुई है. भारतीय एजेंसियों ने मलेशिया में तीनों का पता लगाकर उन्हें वहां की एजेंसियों की मदद से पकड़वाया. इसके बाद उन्हें मलेशिया से भारत डिपोर्ट कराया गया. भारत पहुंचने के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है.

बंबीहा गैंग से जुड़े होने का दावा

गृह मंत्रालय के मुताबिक, जसप्रीत, अजय और पवंदीप के तार बंबीहा गैंग से जुड़े हैं. तीनों पर कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप है. इनमें लोगों को धमकाकर रंगदारी वसूलने के साथ ही सीमा पार से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोप भी शामिल हैं.

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एजेंसियों का आरोप है कि तीनों आरोपी संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं. उनके खिलाफ दर्ज मामलों और आपराधिक गतिविधियों को लेकर अब आगे की जांच की जाएगी. पुलिस कस्टडी के दौरान उनसे उनके नेटवर्क, सहयोगियों और कथित तौर पर विदेश से संचालित गतिविधियों के संबंध में पूछताछ की जा सकती है.

लुधियाना में ग्रेनेड हमले की साजिश का भी आरोप

तीनों आरोपियों पर लुधियाना में ग्रेनेड हमले की एक साजिश से जुड़े होने का भी आरोप है. हालांकि इस साजिश को अंजाम दिए जाने से पहले ही नाकाम कर दिया गया था. एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि इस कथित साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे और हथियारों की व्यवस्था किस नेटवर्क के जरिए की जा रही थी.

विदेश में पकड़े जाने और भारत डिपोर्ट किए जाने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी. जांच एजेंसियों के लिए उनकी वापसी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि विदेश में छिपे संगठित अपराध से जुड़े आरोपियों के नेटवर्क की जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है.

2026 में अब तक 51 अपराधियों का डिपोर्टेशन

गृह मंत्री कार्यालय ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए दावा किया कि 2026 में अब तक भारतीय एजेंसियां 51 कुख्यात अपराधियों को विदेश से भारत डिपोर्ट कराने में सफल रही हैं. केंद्र सरकार ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सुरक्षित और संरक्षित भारत' के विजन के तहत एजेंसियों की कार्रवाई बताया है.

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विदेश में छिपे वांछित अपराधियों को भारत वापस लाने के लिए भारतीय एजेंसियां संबंधित देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही हैं. इसी अभियान के तहत मलेशिया में मौजूद जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवंदीप सिंह को पकड़ने और भारत डिपोर्ट कराने की कार्रवाई की गई. तीनों के भारत पहुंचने के बाद अब उनसे जुड़े आपराधिक मामलों में जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है.

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