महाराष्ट्र में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग, केंद्र सरकार, महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी.
याचिकाकर्ता अरुण आनंदगिरी की ओर से वरिष्ठ वकील अरविंद दातार ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं. याचिका में दावा किया गया है कि राज्य में करीब 33 फीसदी मतदाताओं के नाम कट गए हैं. वहीं, याचिका से जुड़े दावों में पुणे और कुछ अन्य इलाकों में 40.6 फीसदी तक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात कही गई है.
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1.20 करोड़ रिकॉर्ड में गड़बड़ी का दावा
याचिका में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने करीब 1.20 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी यानी तार्किक विसंगतियां बताई हैं. वकील ने अदालत को बताया कि मुंबई और पुणे में करीब 3,500 पुनर्विकास परियोजनाएं चल रही हैं. इनमें पुरानी आवासीय इमारतें तोड़ी जा रही हैं, जिससे हजारों लोगों को दूसरी जगह जाना पड़ रहा है. ऐसे में पते और अन्य जानकारियां मेल नहीं खाने के कारण उनके नाम मतदाता सूची से कटने का खतरा है.
फॉर्म-6 पर भी उठाए सवाल
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जिन लोगों के नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरने को कहना गलत है. उनके मुताबिक, फॉर्म-6 नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए होता है. उन्होंने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने और मामले की सुनवाई होने तक अंतिम मतदाता सूची जारी करने पर रोक लगाने की मांग भी की.
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया. चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर अदालत को लगेगा कि कुछ लोग दस्तावेज दाखिल नहीं कर पाए हैं और समय बढ़ाने की जरूरत है, तो इस बारे में आदेश दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि पहले भी SIR से जुड़े मामलों में समयसीमा बढ़ाई गई है.
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16 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम सूची
निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में SIR का कार्यक्रम पहले ही संशोधित किया था. दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर की गई थी. दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 10 नवंबर तक जारी रहेगी. अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 16 नवंबर 2026 के लिए निर्धारित है.