अरुणाचल प्रदेश में बॉर्डर पेट्रोलिंग पर टकराव को लेकर चीन का पहला बयान आया है. चीन ने कहा है कि वो दोनों देशों के बीच बॉर्डर पेट्रोलिंग को लेकर हुए समझौते का पालन करता है, और बॉर्डर क्षेत्रों पर सामान्य पेट्रोलिंग करता है. चीन ने कहा है कि हमारी पेट्रोलिंग सामान्य होती है. चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से ये बयान तब आया है जब भारत ने कहा था कि चीन की ओर से पेट्रोलिंग के तय तौर-तरीकों का पालन नहीं करने पर LAC पर स्थितियां बिगड़ती हैं.
शुक्रवार को ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में LAC पर अभी भी भारत-चीन सैनिकों के बीच टकराव की नौबत है. ऐसी नौबत जुलाई महीने में भी आई थी.
इसके बाद भारत ने कहा था कि चीन जब पेट्रोलिंग के लिए दोनों देशों के बीच सहमत तौर तरीकों का पालन नहीं करता है तो दोनों देशों के बीच LAC पर हालात बिगड़ते हैं.
अब चीन के विदेश मंत्रालय ने इस पर जवाब दिया है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को कहा कि, 'चीन ने दोनों देशों के बीच हुए समझौतों और महत्वपूर्ण सहमतियों का लगातार और सख्ती से पालन किया है. उन्होंने बताया कि चीन अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए सीमावर्ती इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग और प्रबंधन का काम करता है.'
गुओ ने कहा कि चीन और भारत राजनयिक और सैन्य माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि 'भारत भी इसी दिशा में काम करेगा, ताकि दोनों पक्षों के बीच बनी सहमतियों को मिलकर लागू किया जा सके और सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जा सके. '
ITBP महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने 22 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के अलवर में हिमवीर सम्मान समारोह में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भारतीय और चीनी बलों के बीच फेस-ऑफ हुआ है और यह अभी भी जारी है.
उन्होंने कहा कि वहां हमारी शौर्य कमांडो टीमें शानदार काम कर रही हैं. नई बनाई गई शौर्य कमांडो टीमें इन फेस-ऑफ के दौरान अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं. हर बॉर्डर बटालियन में इन्हें तैनात किया जाएगा और जल्द एक पूर्ण बटालियन भी बनेगी.
शत्रुजीत सिंह कपूर के इस बचान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान दिया था और कहा था कि चीन द्वारा पेट्रोलिंग के तय रास्तों से हटने की वजह से ही LAC पर स्थिति बिगड़ती है.
भारत ने कहा था कि दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बचे हुए मुद्दों को सुलझाने तथा गलतफहमी और गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्रों का उपयोग करना जारी रखे हुए हैं. दोनों पक्षों ने बेहतर सीमा प्रबंधन के लिए उपयुक्त क्षेत्रों में LAC की समझ को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा करने पर भी सहमति जताई है.
इसके बाद चीन का ये बयान आया है.
अरुणाचल प्रदेश में LAC की लंबाई करीब 1,126 किलोमीटर मानी जाती है. भारत और चीन के बीच अभी भी LAC का पूरा सीमांकन नहीं हुआ है, इसलिए कई जगह दोनों देशों की सीमा को लेकर धारणा अलग-अलग है. इसी वजह से गश्त के दौरान सैनिकों के आमने-सामने आने और टकराव की घटनाएं होती रही हैं.
भारत चीन के बीच कुल मिलाकर 3488 किलोमीटर लंबी LAC (Line of Actual Control) है.