संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने कांग्रेस से संसद में जरूरी विधेयकों को पारित कराने में बाधा नहीं डालने की अपील की है. साथ ही, रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद के कामकाज में सहयोग करने की बात कही है.
रिजिजू ने संसद के सत्र को औपचारिक रूप से खत्म करने में हुई देरी पर भी सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि 13 अगस्त 2026 को संसद की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी, लेकिन सत्र को अब तक औपचारिक रूप से खत्म नहीं किया गया है. संविधान में सत्र खत्म करने के लिए कोई तय समयसीमा नहीं है. इसलिए 64 दिन तक सत्र औपचारिक रूप से खत्म नहीं होने से अपने आप में संविधान या संसदीय प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन नहीं होता.
संसद का सत्र खत्म करने पर सरकार ने क्या लिखा?
रिजिजू ने चिट्ठी में लिखा कि संविधान में ऐसी कोई तय समयसीमा नहीं है, जिसके भीतर संसद के सत्र को औपचारिक रूप से खत्म करना जरूरी हो. उन्होंने पुराने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले भी संसद की बैठकों के बीच लंबा अंतर रहा है.
इस मामले को आसान भाषा में ऐसे समझ सकते हैं:
पहले भी संसद की बैठकों के बीच लंबा अंतर रहा
रिजिजू ने अपनी चिट्ठी में संसद की बैठकों के बीच लंबे अंतर के कई उदाहरण दिए. उन्होंने इन वर्षों का जिक्र किया:
रिजिजू ने 2008 का उदाहरण भी दिया. उस साल लोकसभा में सरकार के बहुमत पर चर्चा और मतदान के लिए 21 और 22 जुलाई को बैठक हुई थी. इसके बाद 17 अक्टूबर को लोकसभा की बैठक हुई. 24 अक्टूबर को बैठक स्थगित कर दी गई और 10 दिसंबर को फिर बैठक हुई.
सरकार का कहना है कि पहले भी संसद की बैठकों के बीच लंबा अंतर रहा है. इसलिए मौजूदा स्थिति को अपने आप में नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए.
परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस से बातचीत की कोशिश
रिजिजू ने चिट्ठी में परिसीमन से जुड़े संशोधन विधेयक पर भी बात की. उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर कांग्रेस का समर्थन हासिल करने के लिए कई बार बातचीत की कोशिश कर चुकी है.
रिजिजू के मुताबिक, सरकार ने कांग्रेस को इन तारीखों पर पत्र लिखे थे:
उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान राहुल गांधी समेत कांग्रेस के नेताओं से भी इस मुद्दे पर बातचीत की गई थी. उनका आरोप है कि सरकार की ओर से आगे बातचीत के लिए समय मांगे जाने के बावजूद कांग्रेस ने चर्चा के लिए तारीख नहीं बताई. इसके बाद सरकार ने दूसरे राजनीतिक दलों से भी बातचीत शुरू की.
सरकार ने किन पार्टियों से बात की?
परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर सरकार ने इन राजनीतिक दलों से बातचीत की है:
रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद के कामकाज में सहयोग करने की अपील की. साथ ही, रिजिजू ने 'कांग्रेस से जरूरी विधेयकों को पारित कराने में सहयोग करने और संसद के कामकाज में बाधा नहीं डालने की अपील की'.