कारगिल विजय दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर जवानों के साहस और बलिदान को नमन किया. एक्स पर एक पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि कारगिल विजय दिवस पर, हमारा देश भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है. बेहद कठिन परिस्थितियों में भी उनका अदम्य साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा. उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य-निष्ठा पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि 1999 के कारगिल संघर्ष के बाद से घुसपैठियों के इरादे नहीं बदले हैं और भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. शनिवार को द्रास में सेना के जवानों के लिए आयोजित 'शौर्य भोज' में अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है और कोशिश यह है कि सेना को अत्याधुनिक उपकरण और बेहतरीन प्रशिक्षण मिले.
सिंह शनिवार शाम लद्दाख के द्रास पहुंचे. वे यहां कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित 'शौर्य संध्या' कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, जो कारगिल विजय दिवस की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में दो दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा था. कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई, 1999 को 'ऑपरेशन विजय' की सफलता की याद में मनाया जाता है. यह ऑपरेशन पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा कारगिल जिले में कब्जाए गए भारतीय क्षेत्रों को वापस पाने के लिए सेना द्वारा शुरू किया गया था.
पाकिस्तान आज भी घुसपैठ के हथकंडे अपनाता रहता है: राजनाथ सिंह
पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए सिंह ने कहा, "हमें याद रखना होगा कि आज भी चुनौतियां कम नहीं हुई हैं. घुसपैठियों के इरादे नहीं बदले हैं और वे आज भी छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) या घुसपैठ जैसे हथकंडे अपनाते हैं." सिंह ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी सेना ऐसी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है." रक्षा मंत्री ने कहा कि यह "हमारी सदी है, आने वाला समय हमारा है" और 'आत्मनिर्भरता' पर जोर दिए जाने के कारण, "मुझे यकीन है कि भारतीय सशस्त्र बल दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनेंगे."
अपने संबोधन में उन्होंने सशस्त्र बलों और सैनिकों की वीरता को भी नमन किया. सिंह ने कहा, "आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं और गर्व के साथ सिर उठाकर जी रहे हैं, क्योंकि कारगिल में हमारे सैनिकों ने तापमान में भारी गिरावट और ऑक्सीजन के स्तर में कमी के बावजूद अपनी सतर्कता में कोई कमी नहीं आने दी." सिंह ने कहा कि इस मौके पर द्रास में उन्हें जो गर्व महसूस हो रहा है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.