मिडिल ईस्ट से लेकर लाल सागर तक टेंशन के चलते कच्चे तेल की कीमतों में बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी हैं. हाल ही में ब्रेंट क्रूड प्राइस ने 100 डॉलर का प्रति बैरल का स्तर छूआ है और दुनिया में महंगाई का जोखिम फिर से हाई पर पहुंच गया है. इस बीच एक्सपर्ट का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहती हैं, तो इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) फिर से स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) का एक और बैच जारी कर सकती है.
IEA खोल सकती है रिजर्व!
कच्चे तेल की कीमतों में जबर्दस्त उथल-पुथल के बीच एएनआई की रिपोर्ट में एक्सपर्ट स्पार्टा कमोडिटीज की सीनियर ऑयल मार्केट एनालिस्ट जून गोह (June Goh) के हवाले से कहा गया है कि IEA ने पहले घोषित इमरजेंसी ऑयल रिलीज का पूरा इस्तेमाल नहीं किया है. ऐसे में अगर तेल की कीमतें लगातार बढ़ती हैं, तो फिर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और रिजर्व जारी कर सकती है.
गोह ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं, तो आईईए की ओर से ऐसा कदम उठाया जा सकता है. गौरतलब है कि IEA ने बीते 11 मार्च को 400 मिलियन बैरल तेल का बैच जारी करने का ऐलान किया था और इसके तहत इमरजेंसी ऑयल रिजर्व का पहला बैच जारी किया था.
'पुराने बैच का अभी पूरा आवंटन नहीं'
जून गोह ने IEA की स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व जारी करने की पिछली घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय IEA ने जो 400 मिलियन बैरल तेल रिलीज करने की घोषणा की थी, अभी तक उस आवंटन को पूरा नहीं किया है. गोह के मुताबिक, क्रूड की कीमतें बढ़ने से इस संगठन में शामिल सदस्य देशों द्वारा एक और बैच रिलीज करने का कदम उठाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि, 'मुझे लगता है कि कीमतों में तेजी SPR के दूसरे रिलीज के लिए एक ट्रिगर पॉइंट हो सकती है, क्योंकि अभी भी पहली घोषणा का कुछ हिस्सा जारी किया जाना बाकी है.'
क्या है IEA और कितना है रिजर्व?
आईईए एक इंटरनेशनल संगठन है, जो ग्लोबल एनर्जी मार्केट की निगरानी करती है. जब 1973 में दुनिया में तेल संकट (Oil Crisis) गहराया था, तो उसके बाद तेल आपूर्ति पर बेहतर समन्वय और डेटा की जरूरत महसूस हुई थी और इसके लिए ही IEA की स्थापना 1974 में की गई थी. इसका मुख्यालय पेरिस में है और इस संगठन को OECD इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत बनाया गया था. IEA में 32 सदस्य देश शामिल हैं.
अगर काम की बात करें, तो आईईए निगरानी करते हुए तेल, गैस, कोयला, बिजली पर डेटा और रिपोर्ट जारी करता है. अगर इस संगठक के पास तेल का पब्लिक इमरजेंसी रिजर्व देखें, तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1.2 अरब बैरल से अधिक तेल है. इसके अलावा सरकारी दायित्व के तहत उद्योग भंडार के रूप में 600 मिलियन बैरल तेल मौजूद है.
कच्चे तेल का ताजा हाल
शनिवार को कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव तो देखें, तो लगातार तेजी के बाद गिरावट देखने को मिली है. ब्रेंट क्रूड प्राइस खबर लिखे जाने तक 3 फीसदी से ज्यादा फिसलकर 96.78 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं WTI Crude Price 90 डॉलर के नीचे आ गया था.
यहां बता दें कि इतिहास में अब तक छह बार इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी अपने ऑयल रिजर्व से तेल जारी करने के फैसला ले चुकी है. 11 मार्च 2026 से पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में दो बार तेल जारी किया जा चुका है.