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स्वाइन फ्लू का खतरा! स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने की हाई-लेवल मीटिंग, तैयारियों का लिया जायजा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को H1N1 की स्थिति और इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने संक्रमण की निगरानी, फ्लू जैसे लक्षणों और गंभीर सांस की बीमारी के मामलों, जांच और अस्पतालों की तैयारियों की जानकारी ली. H1N1 को आम तौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है. यह एक तरह का इन्फ्लुएंजा वायरस है, जो सांस से जुड़ी बीमारी का कारण बन सकता है.

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स्वास्थ्य मंत्री ने H1N1 के मामलों पर लगातार नजर रखने और मजबूत निगरानी व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया. (Photo- ITG)
स्वास्थ्य मंत्री ने H1N1 के मामलों पर लगातार नजर रखने और मजबूत निगरानी व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया. (Photo- ITG)

देश में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की. उन्होंने देश में संक्रमण की मौजूदा स्थिति और इससे निपटने के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया. बैठक में खास तौर पर दिल्ली की स्थिति पर चर्चा हुई. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी बैठक में मौजूद रहे.

बैठक में नड्डा ने देश में H1N1 और मौसमी फ्लू की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने यह भी देखा कि फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों और गंभीर सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों की संख्या में किस तरह का बदलाव आ रहा है. इसके अलावा कोरोना या फ्लू जैसी बीमारियों की जांच, प्रयोगशालाओं में निगरानी और अस्पतालों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई.

अस्पतालों में बेड और जरूरी सामान की जानकारी ली

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने दिल्ली के अस्पतालों में मरीजों के लिए उपलब्ध बेड, गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधाओं और जरूरी दवाओं व अन्य चिकित्सा सामान की उपलब्धता की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों को पहले से तैयार रखा जाए.

स्वास्थ्य मंत्री ने H1N1 के मामलों पर लगातार नजर रखने और मजबूत निगरानी व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि संक्रमण के रुझान पर लगातार नजर रखना जरूरी है, ताकि मरीजों की जल्द पहचान हो सके और उन्हें समय पर इलाज मिल सके.

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लोगों से सावधानी बरतने की अपील

बैठक में लोगों को H1N1 और दूसरे सांस से जुड़े संक्रमणों से बचने के उपायों के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया गया. लोगों से हाथों की सफाई रखने और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने जैसी सावधानियां बरतने की अपील की गई.

मंत्रालय ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक या गंभीर खांसी-बुखार जैसी सांस से जुड़ी परेशानी हो, सांस लेने में दिक्कत हो या कोई अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

राज्यों और अस्पतालों के संपर्क में स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि H1N1 समेत मौसमी फ्लू की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, अस्पतालों, जांच प्रयोगशालाओं और दूसरे संबंधित विभागों के साथ लगातार संपर्क में है.

इसका मकसद संक्रमण की जल्द पहचान करना, मरीजों को समय पर इलाज देना और अस्पतालों को किसी भी बढ़ती स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रखना है.

बता दें कि H1N1 को आम तौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है. यह एक तरह का इन्फ्लुएंजा वायरस है, जो सांस से जुड़ी बीमारी का कारण बन सकता है. इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी और गले में खराश शामिल हैं. कुछ लोगों, खासकर कमजोर स्वास्थ्य वाले मरीजों में यह गंभीर सांस की बीमारी का रूप भी ले सकता है.

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