उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों की मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन अचानक हंगामे में बदल गया. प्रशासनिक भवन के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से बातचीत करने पहुंचे एडिशनल प्रॉक्टर और छात्रों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ी कि बात हाथापाई तक पहुंचने की नौबत आ गई. इसके बाद नाराज छात्रों ने एडिशनल प्रॉक्टर को दौड़ा लिया.
छात्रों को पीछे आते देख एडिशनल प्रॉक्टर प्रशासनिक भवन के अंदर से बाहर की ओर भागने लगे। कुछ ही देर में विश्वविद्यालय की सुरक्षा में तैनात गार्ड और पुलिसकर्मी उनके साथ पहुंचे और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर उनके कार्यालय तक ले गए.इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
मांगों पर नहीं बनी बात, फिर बढ़ता गया विवाद
घटना मंगलवार 8 सितंबर की दोपहर की बताई जा रही है. छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे थे.उनके समर्थन में कई छात्र भी वहां मौजूद थे.
इसी दौरान एडिशनल प्रॉक्टर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश राय छात्रों की मांगें सुनने पहुंचे.छात्रों ने उनके सामने अपनी मांगें रखीं, लेकिन बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी.इस बीच देखते ही देखते बहस बढ़ी और माहौल तनावपूर्ण हो गया. इसके बाद स्थिति कुछ ऐसी बनी की छात्रों ने उन्हें दौड़ा लिया.
25 अगस्त से चल रहा आंदोलन
विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं और कथित अनियमितताओं को लेकर 25 अगस्त से छात्र नेता प्रशासनिक भवन के सामने धरना दे रहे हैं.5 सितंबर से इसी आंदोलन को भूख हड़ताल में बदल दिया गया.
छात्र नेता सतीश प्रजापति पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
इस बीच विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रोफेसर कृष्ण पाल सिंह ने अभी पद नहीं संभाला है. उनके कार्यभार संभालने से पहले ही विश्वविद्यालय में छात्रों और प्रशासन के बीच यह विवाद सामने आया है.