गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने फरवरी में जारी हुई फाइनल वोटर लिस्ट से छूटे 97 मतदाताओं में से कई लोगों को अब लिस्ट में शामिल कर लिया है. इसके साथ ही बाकी मामलों पर प्रक्रिया तेजी से चल रही है.
इसके मुताबिक, इन 97 मामलों में BLOs ने घर-घर जाकर फॉर्म-6 की प्रक्रिया को पूरा किया. कार्यालय ने दोहराया है कि किसी भी पात्र मतदाता को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा और सभी योग्य लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाएंगे.
सीईओ कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक प्रेस रिलीज में ये जानकारी दी है.
दरअसल SIR के दौरान इन 97 मतदाताओं के डेटा में कुछ लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज) पाई गई थीं. दस्तावेज जमा करने और सुनवाई का मौका मिलने के बाद इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों ने इन्हें लिस्ट में शामिल किए जाने के योग्य पाया था.
क्यों हुई गड़बड़?
इसके बाद गोवा के सीईओ कार्यालय ने चुनाव आयोग से 'रोलबैक फैसिलिटी' की मांग की थी ताकि 21 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट छपने से पहले इन नामों को वापस जोड़ा जा सके, लेकिन ये सुविधा समय पर सक्रिय नहीं हो सकी थी.
बाद में चुनाव आयोग ने बताया कि ECINet में फॉर्म-7 पर डिलीट क्लिक होने के बाद रोलबैक का कोई प्रावधान नहीं होता है.
ECINet प्रणाली पर उठे सवाल
गोवा की इस मामले ने डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINet और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों की शक्तियों को लेकर चल रहे विवाद को हवा दे दी है. सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या ये डिजिटल सिस्टम अधिकारियों को वोटर लिस्ट से जुड़े फैसलों को पलटने की पूरी छूट देता है?
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दूसरी तरफ, चुनाव आयोग का कहना है कि ECINet सिर्फ एक हेल्पफुल सिस्टम है और अधिकारियों के पास अपने वैधानिक अधिकार और सिस्टम तक पूरी पहुंच सुरक्षित है. ये विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दो चुनाव आयुक्तों ने डिजिटल मतदाता-सूची प्रणाली और फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों पर आपत्ति जताई थी.