लोकसभा में मंगलवार ( 28 जुलाई) को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने सरकार पर छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया.
डिंपल यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने नीट अभ्यर्थियों के साथ धरने में बैठकर उनका समर्थन किया, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर वे अपने अंतर्मन का सामना नहीं कर पातीं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने युवाओं के गरिमा को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने छात्रों पर पेलेट गन और असॉल्ट राइफल के इस्तेमाल की आलोचना की और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार को भी बेहद अपमानजनक बताया. डिंपल यादव ने कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे महात्मा गांधी के सिद्धांतों का भी अपमान हुआ है.
वहीं, एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि नीट पेपर लीक का मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि व्यवस्था और छात्रों की उम्मीदों के बीच की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को इस मुद्दे पर अधिक संवेदनशीलता, सहानुभूति और विनम्रता दिखानी चाहिए थी.
21 बच्चों के आत्महत्या का दावा
सुले ने दावा किया कि NEET परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बीच 21 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री इस गंभीर मामले को हल्के में ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उनके परिवारों का दर्द सरकार को समझना चाहिए. सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने और पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार का दुश्मन नहीं है और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी दलों को मिलकर समाधान निकालना चाहिए.